कलीनगर। तहसील क्षेत्र में शारदा नदी पार स्थित सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण का मामला एक बार फिर चर्चे में है। इस बार भी संयुक्त सीमांकन की कार्रवाई बीच में रुकते ही कब्जाधारियों ने गेहूं की कटाई तेज कर दी। इससे प्रशासनिक सख्ती पर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।
शारदा नदी के पार रामनगर क्षेत्र और उससे सटे गांवों में टाइगर रिजर्व, सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग की करीब दो हजार एकड़ भूमि पर वर्षों से अतिक्रमण चला आ रहा है। हर साल की तरह इस बार भी गेहूं की फसल पकने के साथ ही सीमांकन की प्रक्रिया धीमी पड़ गई, जिससे कब्जाधारियों को राहत मिल गई है। हाल ही में राजस्व विभाग की टीम अंतरराष्ट्रीय सीमा पिलर नंबर 28 तक पहुंची थी, जहां उन्होंने नक्शों के आधार पर जांच की, लेकिन अतिक्रमणकारियों पर इसका खास असर नहीं पड़ा।
पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद रही। लोगों से जमीन के कागजात दिखाने को कहा गया। करीब 10 दिन पहले टाइगर रिजर्व की टीम ने भी क्षेत्र का दौरा कर जीपीएस के माध्यम से पिलर नंबर 17 से 21 तक सीमांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। जैसे ही कार्रवाई आगे बढ़ने की संभावना बनी। अचानक इसे अन्य क्षेत्र की ओर मोड़ दिया गया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि किसी उच्च स्तर के निर्देश पर कार्रवाई को रोक दिया गया।
इधर, सीमांकन रुकते ही अतिक्रमणकारियों ने राहत की सांस ली और खड़ी गेहूं की फसल की कटाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि लाखों रुपये की फसल इन जमीनों पर खड़ी थी, जिस पर कार्रवाई का खतरा बना हुआ था। यह मुद्दा हर साल फसल पकने के समय उठता है, लेकिन अब तक कोई विभाग स्थायी रूप से अतिक्रमण हटाने में सफल नहीं हो सका है।
रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि संयुक्त सीमांकन को लेकर अफसरों के स्तर से पत्राचार किए गए हैं। इसके बाद सीमांकन हो सकेगा। संवाद