पीलीभीत। शासन ने इस बार जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 2.31 लाख मीट्रिक टन (एमटी) रखा है, लेकिन वर्तमान में बाजार की मांग के आगे ये लक्ष्य पूरा होना मुश्किल लग रहा है, क्योंकि व्यापारी समर्थन मूल्य से ज्यादा कीमत पर गेहूं खरीद रहे हैं। सोमवार को मंडी परिसर में इसकी तस्वीर भी देखने को मिली। यहां व्यापारियों के फड़ों पर तो गेहूं लेकर पहुंचे हैं मगर सरकारी केंद्र सूने ही पड़े रहे। यह हाल पूरे जिले का ही है।
सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विटंल तय किया है। रूस और यूक्रेन की जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्यान्न की मांग में उछाल आया है साथ ही कीमतों में भी इजाफा हुआ है। इसका असर जिले के बाजार में भी दिखने लगा है। 13 से 14 फीसदी नमी वाला गेहूं सोमवार को मंडी में 2017 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदा गया। वहीं 15-16 फीसदी नमी वाला गेहूं 1980 से 1985 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदारी हुई। जबकि अमूमन बाजार में सरकारी समर्थन मूल्य की तुलना में कम कीमत पर खरीदारी होती है। किसानों को खुले बाजार में अपनी फसल की अच्छी कीमत मिल रही है इसलिए वह सरकारी क्रय केंद्रों के बजाए व्यापारियों को अपने गेहूं की बिक्री कर रहे हैं।
सोमवार को मंडी परिसर में करीब तीन सौ क्विंटल गेहूं पहुंचा। व्यापारियों ने 2017 और ज्यादा नमी वाला गेहूं 1980 से 1985 रुपये के भाव में खरीदा। अगर खुले बाजार में कीमतें ज्यादा रहीं तो सरकारी क्रय केंद्र सूने रह जाएंगे। ऐसे में सरकारी लक्ष्य भी पूरा होना मुश्किल हो जाएगा।
किसान क्रय केंद्रों पर जाने से कतराता है किसान
धान खरीद में किसानों को भुगतान के लिए क्रय केंद्रों की दौड़ लगानी पड़ती है। कई महीने बाद उनको भुगतान मिलता है। दूसरी तरफ क्रय केंद्र संचालित करने वाले लोग उनका शोषण भी करते हैं। गेहूं में ही लेबर और खर्चे के नाम पर 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल किसान से वसूल लिए जाते हैं। सरकारी समर्थन मूल्य जरूर 2015 है लेकिन किसानों को 150 से 200 रुपये प्रति क्विंटल कम दिए जाते हैं। ये पैसा खर्चे के नाम से उनकी जेब से काटा जाता है। अगर बाजार में अच्छी कीमत मिली तो किसान क्रय केंद्र का रुख नहीं करेगा। इस बार के हालात ऐसे ही लग रहे हैं।
गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हो गई है। इस बार शासन ने 2.31 एमटी खरीद का लक्ष्य दिया है। बाजार में इस बार गेहूं की अच्छी कीमत है तो थोड़ा असर देखने को मिल सकता है। कुछ केंद्रों पर गेहूं की आवक शुरू हो गई है।
- ज्ञानचंद्र वर्मा, एआरएमओ
खुले बाजार में गेहूं सरकारी मूल्य से अधिक दामों पर बिक रहा है। सोमवार को ही मंडी परिसर में करीब 300 क्विंटल गेहूं आया है। इससे उम्मीद की जा सकती है कि सरकारी क्रय केंद्रों के मुकाबले बाजार में अधिक कीमत पर गेहूं की खरीद होगी।
- अभिषेक सिंह गोल्डी, गल्ला व्यापारी