सिंचाई विभाग द्वारा गोमती उद्गम स्थल को 25 क्यूसेक पानी पहुंचाने को सवा दो करोड़ रुपये की लागत का प्रोजेक्ट भेजा गया है। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो उद्गम स्थल पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब बासी पानी के स्थान पर स्वच्छ जल मिल सकेगा।
राजधानी लखनऊ की लाइफ लाइन कही जाने वाली गोमती नदी के उद्गम स्थल के भी दिन बहुरने वाले हैं।
सिंचाई विभाग की शारदा सागर खंड के अधिशासी अभियंता ने उद्गम स्थल तक पानी देने को माधोटांडा रजवाहा के 2.700 किमी से ड्रेन की खुदाई करने के साथ उद्गम स्थल तक पानी पहुंचाने को सर्वे कराया है। यह सर्वे सहायक अभियंता धर्म घोष के नेतृत्व में अभियंताओं की टीम द्वारा किया गया। अभियंताओं के मुताबिक गोमती उद्गम स्थल को पानी ड्रेन के माध्यम से दिया जाएगा।
उद्गम स्थल के तीनों ताल होंगे एक
अभियंताओं के मुताबिक गोमद ताल (उद्गम स्थल) को पांच सौ मीटर लंबाई व 75 मीटर चौड़ाई बढ़ाने के साथ पानी के लेबिल के मुताबिक गहराई की जाएगी। उद्गम स्थल के तीनों तालाबों को एक किया जाएगा। ताकि हमेशा 25 क्यूसेक पानी उद्गम स्थल तक पहुंचता रहे। इसके लिए सवा दो करोड़ की लागत का प्रोजेक्ट अधिशासी अभियंता द्वारा शासन को भेजा गया है।
सहायक अभियंता धर्मघोष व वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यदि इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलती है तो उदगम स्थल पर श्रद्धालुओं को निरंतर स्वच्छ जल मिलता रहेगा। प्रोजेक्ट को टीएसी की अनुमति मिलने का इंतजार है।