बच्ची से दुष्कर्म के बाद हुई आगजनी और तोड़फोड़ मामले में हालात सामान्य हो गए हैं। मंगलवार को दुकानों खुली साथ ही साप्ताहिक बाजार भी लगा लेकिन सुरक्षा के लहाज से कस्बे में पुलिस तैनात है।
थाना क्षेत्र के एक कस्बे में शनिवार की शाम करीब छह बजे आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हालात बिगड़ गए थे। मामला दो संप्रदाय का होने के कारण तनाव हो गया था। आक्रोशित लोगों ने तोड़फोड़ कर दुकानों में आग लगा दी थी। घटना के बाद रविवार और सोमवार दोपहर तक बाजार बंद रहा। अब हालात लगातार सामान्य हो रहे हैं। मंगलवार को सुबह से ही दुकानें खुलने लगी और कस्बे में चहल पहल देखी गई।
मंगलवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार भी लगा। दुकानों और बाजार खुलने से पुलिस प्रशासन के साथ आम लोगों ने राहत महसूस की। वहीं सुरक्षा के लिहाज से कस्बे में चौराहों व बाजार में पुलिस अभी भी तैनात हैं। एसओ राजेंद्र सिंह ने बताया कस्बे का माहौल अब पूरी तरह से शांत है। सुरक्षा के लिए अभी पुलिस तैनात रहेगी।
उपद्रवियों की गिरफ्तारी नहीं
माधोटांडा। बच्ची से दुष्कर्म के बाद हुई तोड़फोड़ और आगजनी मामले में रविवार को एसओ राजेंद्र सिंह की ओर से महिला नेत्री सहित दस लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें लूटपाट, आगजनी के साथ हत्या के प्रयास की धाराएं भी लगाई गई हैं लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जबकि सोमवार को एसडीएम सीओ के साथ हुई बैठक में नामजद आरोपी भी मौजूद थे।
आगजनी की हो न्यायिक जांच
पीलीभीत। एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स ने बच्ची से दुष्कर्म के बाद दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी किए जाने की कड़ी निंदा की है। शहर के फलाहे ए आम स्कूल में हुई प्रेस वार्ता में संस्था के संयोजक अताउर्रमान ने कहा कि घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए। साथ ही नाजमद व अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शीघ्र गिरफ्तार किया जाना चाहिए। वार्ता में मोहतशित रजा खां, मोहम्मद कोहिनूर, मोहम्मद रजा खां सहित कई लोग मौजूद रहे।