पीलीभीत। कोरोना संकट के बीच गन्ना सहकारी समितियों के चुनावों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य चुनाव आयोग की ओर से चुनावी कार्यक्रम जारी कर दिया गया। इसके साथ ही गन्ना समितियों में चुनावी हलचल तेज हो गई। दावेदार अपनी राजनीतिक बिसात बिछाने में जुट गए। निर्वाचन प्रक्रिया चार अगस्त से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। गन्ना विभाग की ओर से मतदाता सूची दुरुस्त करने समेत अन्य कवायदें भी शुरू हो गईं हैं।
जनपद में सात गन्ना समितियां हैं। इनमें 2,73,620 सदस्य सहकारी समितियों के चुनाव की मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। बीते मार्च में इन समितियों का कार्यकाल समाप्त हो गया था, मगर लॉकडाउन की वजह से उस समय चुनाव नहीं हो पाए थे। हालांकि गन्ना समितियों के चुनाव का एलान मार्च में ही हो गया था, मगर उस समय पेराई सत्र चालू होने की वजह से इसे टाल दिया गया था। जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र मिश्र ने बताया कि सहकारी समितियों का चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इसके तहत चार अगस्त को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। आपत्तियों के निस्तारण के बाद छह अगस्त को इसका अंतिम प्रकाशन होगा। पहले चरण में संचालक सदस्य पद के लिए नामांकन प्रक्रिया सात अगस्त से शुरू होगी। 10 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच के बाद 11 अगस्त को नाम वापसी के बाद चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। 13 अगस्त को मतदान होगा और उसी दिन शाम चार बजे के बाद मतगणना और उसके बाद चुनाव परिणामों की घोषणा होगी।
इसी तरह दूसरे चरण में प्रबंध समितियों के लिए 27 अगस्त को वोट डाले जाने के बाद मतगणना होगी। सभापति, उपसभापति तथा अन्य समितियों को भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों के चुनाव की अनंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन किया जाएगा। फिर उसी दिन मतदान होगा और चुनाव परिणाम घोषणा तक की सारी प्रक्रिया एक ही दिन यानी 28 अगस्त को होगी। जिला गन्ना अधिकारी का कहना है कि गन्ना सहकारी समितियों के चुनाव की तैयारियां शुरू करा दी गई हैं। सहायक निबंधक सहकारिता जिला स्तर पर निर्वाचन अधिकारी और सहायक निर्वाचन अधिकारी गन्ना समिति के सचिव होंगे। इधर डायरेक्टर पद के प्रत्याशियों ने अभी से अपनी राजनीतिक जोड़तोड़ शुरू कर दी है। इसके लिए वह अपने अधिक से अधिक सदस्य बनवाने में जुट गए हैं।