सिपाहियों को गाड़ी में बंद होना पड़ा
ऑपरेशन शुरू होने के बाद बाघ ने दो बार अपना स्थान बदला। इस दौरान मार्ग की ओर लगे जाल के पास बाघ पहुंच गया। इससे मार्ग पर खड़े पुलिस कर्मियों में भगदड़ मच गई। दहशत के चलते महिला सिपाही गाड़ी में बंद हो गईं। करीब एक घंटे बाद वाहन से बाहर निकलीं।
ग्रामीणों ने लगाया जाम
बाघ के न पकड़ने जाने और अफसरों को जाते देख आक्रोशित ग्रामीणों ने लिंक मार्ग पर पहुंचकर जाम लगा दिया। उनका कहना है कि डॉट मारने के बाद भी बेहोश न होने से अब बाघ और भी खूंखार हो जाएगा। शाम को बाघ की बाग में चहलकदमी देखी गई। रात को भी बाघ हमला कर सकता है। एसओ अचल कुमार से ग्रामीणों की नोकझोंक भी हुई।
कई बार बेकाबू हुई भीड़, पुलिस ने खदेड़ा
बाघ को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। कई बार भीड़ जाल के करीब पहुंच गई। स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। बीच में एक बार भगदड़ के दौरान एक ग्रामीण का मोबाइल भी टूट गया। वहीं ऑपरेशन के चलते गांव के लिंक मार्ग पर वाहन लगाकर ट्रैफिक रोक दिया गया। इससे वाहनों की कतार लग गई। करीब 5 घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने कहा कि अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा। सोमवार सुबह से फिर से बाघ को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। बाघ को बेहोश करने के लिए एक डॉट उसको मारी थी। आठ घंटे से पहले दूसरी डोज नहीं दी जा सकती। वन विभाग की टीम बाघ पर नजर बनाए हुए हैं।