गांव चंदिया हजारा के समीप क्षेत्र को बाढ़ और कटान से बचाने को बनाई गई ठोकर पहली बाढ़ में हुई क्
पूरनपुर। शारदा नदी में आने वाली बाढ़ से खेतिहर जमीन और आबादी को बचाने के लिए नौ करोड़ की लागत से बनाया गया तटबंध पहली बाढ़ में ही चार जगह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस वजह से कई गांवों में फसलें नष्ट हो गईं। गांवों में पानी भरने से अनाज, कपड़े खराब हो गए। बड़ी आबादी पिछले चार दिनों से संकट झेल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नौ करोड़ की लागत से बनने वाले इस तटबंध का निर्माण अगर सही से किया गया होता तो हमें 100 करोड़ का दर्द नहीं मिलता। वहीं, 9.98 करोड़ रुपये की लागत से नदी के चेनेलाइजेशन का काम भी बाढ़ से पहले पूरा नहीं हो सका। इसको लेकर लोगों में रोष है।
शारदा नदी की बाढ़ से चंदिया हजारा, राहुलनगर मजदूर बस्ती, कॉलोनी नंबर छह सहित आसपास के अन्य गांवों को बचाने के लिए नौ करोड़ रुपये की लागत से तटबंध बनाने का काम शुरू किया गया था। नदी के चेनेलाइजेशन के लिए भी 9.98 करोड़ रुपये की लागत से काम शुरू हुआ। तटबंध निर्माण में गड़बड़ी का आरोप लगाकर स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी मगर, सुनवाई नहीं हुई।
चेनेलाइजेशन भी समय पर नहीं हो पाया। यही वजह है कि पहली ही बाढ़ में तटबंध चार जगह से क्षतिग्रस्त हो गया। परिणामस्वरूप चंदिया हजारा और आसपास के गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। इसको लेकर लोगों में गुस्सा है। बाढ़ खंड के एसडीओ डीएन शुक्ला का कहना है कि पानी के ओवरफ्लो की वजह से तटबंध को नुकसान पहुंचा है। इसकी जल्द ही मरम्मत करवा दी जाएगी।