पीलीभीत। बेसिक स्कूलों में आठ जुलाई से लागू ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर लगातार विरोध जारी है। अब शिक्षक संगठनों ने संयुक्त मोर्चा का गठन कर अपनी आवाज को बुलंद करना शुरू कर दिया है। शिक्षक किसी भी दशा में इस आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं हैं।
बेसिक स्कूलों में पहले शासन ने 15 जुलाई से शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसमें विद्यार्थियों की उपस्थिति के साथ ही 12 प्रकार के रजिस्टर भी शामिल किए गए थे। इसके बाद शासन ने आठ जुलाई से इसे लागू कर दिया था। तभी से शिक्षक इसका विरोध करने लगे। अब शिक्षकों के साथ ही इसमें अनुदेशक और शिक्षामित्र भी शामिल हो गए हैं।
ऑनलाइन हाजिरी के विरोध के साथ ही अन्य मांगों को भी उठाया जाने लगा है। अब शिक्षकों के सभी संगठनों ने अनुदेशक एवं शिक्षामित्र के नियमितीकरण को लेकर संयुक्त मोर्चा का गठन किया है। आपसी सहमति से एक मांग पत्र तैयार किया गया है। मांग पत्र में पेंशन, सामूहिक बीमा, कैशलेस चिकित्सा सुविधा एवं शिक्षामित्रों के नियमितीकरण, नियमितीकरण न होने तक समान काम समान वेतन देने की मांग को प्रमुखता से रखा गया है।
वर्जन
प्रदेश के समस्त अनुदेशक अल्प वेतन में पिछले 10 वर्षों से केवल 10 अवकाशों में पूर्णकालिक सेवाएं दे रहे हैं। नई शिक्षा नीति में सभी चयनित विषय अनिवार्य विषय के रूप में सम्मिलित किए गए हैं, फिर भी सरकार कोई ध्यान नहीं देती। - प्रखर मिश्र, प्रदेश संगठन मंत्री पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति
अनुदेशक संघ की केवल एक ही मांग है कि नियमितीकरण के उपरांत ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की जाए।- सुरेंद्र गंगवार, जिला अध्यक्ष अनुदेशक कल्याण समिति