पीलीभीत। विशेष सत्र न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) की अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने वर्ष 2005 में सराफा दुकान में हुई चोरी के मामले में आरोपी हरचरन को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
मामला कोतवाली पीलीभीत क्षेत्र का है, जहां छह जनवरी 2005 की रात चोरों ने मोहल्ला केसरी सिंह स्थित एक सराफा दुकान का शटर और ताला तोड़ करीब 1-5 क्विंटल वजनी लोहे की तिजोरी चोरी कर ली थी। तिजोरी में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी मौजूद थी। पुलिस ने विवेचना के बाद हरचरन और अकील शाह उर्फ ककूटा के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए थे। हालांकि, मुकदमे के दौरान सह-आरोपी अकील शाह की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए आठ गवाहों और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी हरचरन को दोषी पाया। न्यायालय ने हरचरन को धारा 457 के तहत चार, 380 के तहत पांच और 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर कुल 14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने बुधवार को आदेश सुनाते कहा कि अभियुक्त की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।