पूरनपुर की युवती रेणुका को मोहल्ला गनेशगंज निवासी अभिषेक सक्सेना पीलीभीत से अगवा कर ले गया था। उसके पति की ओर से पीलीभीत कोतवाली में अभिषेक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बृहस्पतिवार शाम पीलीभीत कोतवाली में तैनात दरोगा सुभाष के नेतृत्व में पुलिस टीम युवती को बरामद करने और अभिषेक की गिरफ्तारी के लिए गांव रम्पुराकोन स्थित अभिषेक के फार्म हाउस पर पहुंची थी।
दबिश के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी गई। इसमें कांस्टेबल शाहरुख पेट में दो गोली लगने से घायल हो गए थे। कोतवाल प्रवीन कुमार ने बताया कि पुलिस टीम पर लाइसेंसी राइफल और बंदूक से ही फायरिंग की गई थी। कांस्टेबल शाहरुख को गोली मारने के बाद अभिषेक अपनी दोनाली बंदूक को लहराते हुए घटना स्थल से भागा था। उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पैर में गोली लगी है। पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल की। बरामद कुछ सामान को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
युवती बोली- जबरिया घर में घुसेंगे तो गोली ही मारी जाएगी
घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसपी ने घर में मौजूद मिले लोगों से पूछताछ की। एसपी ने जब युवती से सवाल किए, जिसकी तलाश में दबिश दी गई थी तो वह बोली- अंधेरे में घर में जबरिया कोई घुसेगा तब गोली तो मारी ही जाएगी।
पुलिस को हमला होने का नहीं था आभास
अगवा की गई युवती और आरोपी के फार्म हाउस में मौजूद होने की सूचना पर पुलिस ने दबिश थी। दरवाजा बंद होने सिपाही शाहरुख फार्म हाउस में घुसने के लिए दीवार पर चढ़ा तभी अभिषेक ने फायरिंग कर दी। पेट में दो गोली लगने से सिपाही शाहरुख लहूलुहान होकर गिर पड़ा। पुलिस को यह अंदाजा ही नहीं था कि युवती को अगवा करने की सामान्य सी घटना में हमला हो जाएगा।
किसी आरोपी का नहीं है आपराधिक इतिहास
कोतवाल प्रवीण कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों का कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं है। उनके खिलाफ यहां कोतवाली में कोई मामला दर्ज नहीं है। हालांकि अन्य थानों से जानकारी जुटाई जा रही है।
सिपाही की हालत में सुधार
सीओ सिटी अंशु जैन का कहना है कि घायल सिपाही को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका ऑपरेशन हो गया है। डॉक्टरों के मुताबिक सिपाही की हालत में पहले से सुधार है।