पीलीभीत। अभिलेख प्रस्तुत न करने पर बिलसंडा ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायतों के तत्कालीन सचिव व प्रधान पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। रिपोर्ट डीएम के आदेश पर एडीओ पंचायत ने दर्ज कराई है। प्रधान व तत्कालीन सचिव नोटिस मिलने के बाद अफसरों को गुमराह करते रहे थे।
अफसरों ने बिलसंडा ब्लॉक के गांव पस्तौर कुईंया, बढ़ेपुरा मरौरी और ईंटगांव ग्राम पंचायत में वर्ष 2017-18 में रहे तत्कालीन प्रधान व सचिव को विकास कार्य संबंधी अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए थे।
लंबा समय बीतने के बाद भी प्रधान व सचिव ने अभिलेखों को प्रस्तुत नहीं किया। बैठक के दौरान भी चेतावनी देकर उन्हें अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया। मगर प्रधान व सचिव की ओर से लगातार अफसरों को गुमराह किया जाता रहा। इसके बाद विभागीय अफसरों ने डीएम से पत्राचार कर संबंधित तत्कालीन सचिव व प्रधान के खिलाफ एफआईआर कराए जाने की मांग की।
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने 29 सितंबर को संबंधित तत्कालीन प्रधान व सचिव के खिलाफ एफआईआर के निर्देश जारी किए। डीएम के आदेश पर बिलसंडा ब्लॉक की एडीओ पंचायत कृष्णा देवी की ओर से तीनों तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान के खिलाफ बिलसंडा थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जिम्मेदारों ने किया खेल, सचिव के नाम एफआईआर से गायब
अभिलेख प्रस्तुत न किए जाने के लिए डीएम स्तर से पत्राचार किया गया। डीएम की ओर से जारी आदेश में पस्तौर कुईंया के तत्कालीन प्रधान राजेश कुमार, बढेपुरा मरौरी की प्रधान विद्यादेवी और ईंटगांव की प्रधान रानी देवी के नाम खोले गए। साथ ही अण्डाह के प्रधान जयसिंह का नाम भी शामिल किया गया। इसमें तत्कालीन सचिवों के नाम नहीं खोले गए हैं। जबकि, एफआईआर में तीन तत्कालीन प्रधान व सचिव के नाम से एफआईआर दर्ज कराई गई है।