पीलीभीत। समाज कल्याण विभाग की ओर से मंगलवार को ड्रमंड कॉलेज मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में 506 जोड़े एक-दूजे के हो गए। समारोह में अव्यवस्था के चलते भोजन के लिए मारामारी रही। वर-वधू को जमीन पर बैठकर भोजन करना पड़ा। कई लोगों को भोजन मिल भी नहीं पाया। वहीं, अधिकारियों के लिए वीआईपी ट्रीटमेंट देते हुए विशेष व्यवस्था की गई थी, इसको लेकर वर-वधू व उनके परिजन नाराज दिखे।
दोपहर दो बजे भोजन के पांडाल के पास वर-वधू के साथ आए परिजनों की भीड़ थी। विभाग का कोई कर्मचारी या वालंटियर भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाने के लिए मौजूद नहीं था। अव्यवस्थाएं इस कदर हावी थीं कि किसी को पूड़ी मिली तो कोई सब्जी ही ले सका। किसी की प्लेट में चावल ही आए तो कोई प्लेट में हलवा ले जाता दिखा।
यहां आए राममूर्ति को काफी प्रयासों के बाद भी पूड़ी-सब्जी नहीं मिली। बरखेड़ा से आए लालता ने भी काफी प्रयास किया, लेकिन खाना नहीं पा सके। पूरे पांडाल में धक्का-मुक्की का माहौल था। भोजन भी खत्म हो गया। परिजन शिकायत करते रहे मगर, कोई भी अफसर या कर्मचारी झांकने नहीं पहुंचा।
टैंकर के पानी से बुझाई प्यास
भोजन पांडाल में दो जोड़े हाथ में प्लेट लेकर खड़े होकर खाना खा रहे थे। पानी के लिए टैंकर खड़े किए गए थे। मजबूरी में वर-वधू ने भी टैंकर के पानी से प्यास बुझाई। उन्हें गिलास तक नहीं दिए गए। यहां लगे नल के पास भी पानी भरा हुआ था। इस नल से लोग पानी भी पी रहे थे। पांडाल के बाहर गंदा पानी भरा होने के साथ गंदगी भी थी। छुट्टा पशु भी परिजनों के बीच घुस रहे थे।
अधिकारियों के लिए लिए वीआइपी इंतजाम
विभाग ने अफसरों और कर्मचारियों के लिए वीआईपी इंतजाम किए थे। पानी की बोतल मंगाई गई थी। सलाद समेत कई व्यंजन थे। बैठकर खाने के लिए मेज और कुर्सी की व्यवस्था की गई थी। अफसरों के भोजन वाले कमरे में कोई न घुसने पाए, इसके लिए गेट पर पीआरडी जवान लगाए गए थे। कई लोग इसको लेकर अधिकारियों को कोसते नजर आए।
वर्जन
सभी को भोजन का टोकन दिया गया था। वहां हमारा कोई कर्मचारी नहीं था, इस वजह से जिसका जैसे मन हुआ, वैसे खाना लेकर गए। इसी वजह से अफरातफरी रही। - चंद्र मोहन बिश्नोई, समाज कल्याण अधिकारी
टैंकर के पानी से प्यास बुझाते वर-वधू संवाद
टैंकर के पानी से प्यास बुझाते वर-वधू संवाद
टैंकर के पानी से प्यास बुझाते वर-वधू संवाद