पीलीभीत। पिछले कई दिनों से परेशान किसानों को खाद आने के बाद भी समस्या का सामना करना पड़ा। सोमवार को समितियों पर खाद पाने के लिए मारामारी की स्थिति रही तो देहात क्षेत्रों की कई समितियों पर सोमवार को भी खाद नहीं पहुंची।
जिले में रबी की फसलों की बोआई का कार्य तेज है। किसानोंं को डीएपी और एनपीके की जरूरत है। ऐसे में किसान समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन तराई के इस जिले में पिछले कई दिनों से एनपीके और डीएपी की किल्लत है। जिसके चलते किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। फसलों की बोआई भी प्रभावित है।
चक्कर काटने के बाद भी समितियों पर खाद नहीं मिल पा रही है। लंबे इंतजार के बाद शनिवार को 1370 मीट्रिक टन खाद की खेप उपलब्ध हुई। दावा किया गया है रविवार को ही समितियों पर खाद भेज दी गई, लेकिन सोमवार को हकीकत सामने आने पर विभाग के दावे कुछ जगहों पर झूठे साबित हुए। बीसलपुर क्षेत्र में कई समितियों पर खाद न होने से सन्नाटा पसरा रहा।
इधर सोमवार को शहर के मंडी समिति में स्थित इफको किसान सेवा केंद्र पर किसानों की कतार लगी मिली। केंद्र के उप महाप्रबंधक ब्रजवीर सिंह ने बताया कि केंद्र पर 500 कट्टे डीएपी पहुंच गई है। शेष दो दिन बाद आने की उम्मीद है। किसानों को नियमानुसार खाद वितरित की जा रही है।
खाद लेने के लिए सुबह छह बजे ही केंद्र पर पहुंच गए थे। लाइन में लगने के बाद परेशानी उठाने के बाद करीब पांच घंटे बाद खाद मिल गई।
- बुद्धसेन, शरीफगंज
कई दिनों से खाद नहीं मिल पा रही है। सोमवार को जानकारी के बाद सुबह छह बजे ही खाद लेने के लिए केंद्र पर पहुंच गए। करीब तीन घंटे बाद खाद मिल सकी।
- गंगाराम, मुडेलाकला
40 सोसायटी पर रविवार को खाद उपलब्ध करा दी गई थी। शेष पर सोमवार को खाद पहुंचा दी गई है। किसानों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - प्रदीप सिंह, एआर, कोआरपरेटिव, पीलीभीत।
किसानों के गुस्से से बचने के लिए समिति कर्मी भागे
बीसलपुर। रसायांखानपुर साधन सहकारी समिति के कर्मचारी किसानों के गुस्से से बचने के लिए सोमवार को उपस्थिति पंजिका पर उपस्थति लगाने के बाद चले गए। कर्मचारियों के जाते ही समिति पर किसानों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। काफी देर तक जब कर्मचारी समिति पर दोबारा नही आए, तब किसान कर्मचारियों को कोसते हुए मायूस होकर लौट गए। गांव बौनी निवासी ज्ञानेंद्र मौर्य ने बताया कि यदि मंगलवार को भी समिति पर खाद नही मिली तो वह उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे। संवाद
बुद्धसेन।
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