मंडी समिति में आए धान में
नमी बताकर न खरीदने से क्षुब्ध किसानों ने मंडी गेट पर जाम लगा दिया। सूचना
मिलने पर डीएम व सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों से शाम तीन बजे वार्ता करने
की बात कही। इधर अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद भी
क्षुब्ध किसानों ने तौल बंद करा दी। शाम को डीएम ने गांधी सभागार में
किसानों से वार्ता कर उनसे 950 रुपये से कम कीमत पर धान न बेचने की बात
कही।
मंडी समिति में बुधवार सुबह से ही धान की भारी आवक हुई। आरोप है
कि धान की आवक अधिक होने पर कुछ आढ़तियों ने करीब 750 रुपये प्रति क्विंटल
के हिसाब से धान खरीद करने की बात कही। बताते हैं कि जब किसानों ने एतराज
किया तो खरीदारों ने धान में नमी अधिक बताकर धान खरीदने से इंकार कर दिया।
इससे
क्षुब्ध किसानों ने नारेबाजी कर मंडी रोड पर जाम लगा दिया और धरने पर बैठ
गए। जाम की जानकारी लगने पर सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा मौके पर
पहुंच गए और उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास कर जाम खोलने को कहा,
लेकिन किसान तैयार नहीं हुए। इस बीच डीएम मासूम अली सरवर भी मौके पर पहुंच
गए और उन्होंने किसानों से शाम तीन बजे गांधी सभागार में आकर समस्या बताने
को कहा।
बताते हैं कि इस बीच किसी अधिकारी ने जाम न खोलने पर कार्रवाई की
चेतावनी दी। डीएम के जाते ही किसानों ने मंडी में लगे कांटों को उखाडना
शुरू कर दिया और आढ़तों पर जाकर तौल बंद करा दी। हंगामा होता देख लोगों ने
खुद ही तौल करना बंद कर दी।
950 रुपये से कम कीमत पर धान न बेंचे किसान
पीलीभीत।
डीएम मासूम अली सरवर ने गांधी सभागार में किसानों, मिलर्स, क्रय केंद्र
प्रभारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों व क्रेताओं के
बीच में बिचौलियों व नेताओं को दूर रखा जाए। किसानों का शोषण किसी भी कीमत
पर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से 950 रुपये प्रति क्विंटल से
कम कीमत पर धान न बेचने का सुझाव देते हुए कहा कि किसान धान को सुखाकर ही
मंडी में लाएं। उन्होंने क्रेताओं व केेंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया
कि मानक से अधिक नमी होने पर धान की खरीद न करें। यदि नमी मानक के अनुरुप
पाई जाती है तो उसे मशीन से जांचने के बाद ही कोई निर्णय लें। मिलर्स
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने किसानों से सीधे धान क्रय करने की बात कही।
डीएम ने केंद्र प्रभारियों से कहा कि हर क्रय केंद्र को लक्ष्य दिया गया
है। यदि लक्ष्य से कम खरीद पाई गई तो केंद्र प्रभारी के खिलाफ कठोर
कार्रवाई की जाएगी।