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टहलने निकले किसान की विद्युत तार की चपेट में आने से मौत

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सुरेंद्र कुमार फाइल फोटो। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। नावकूड़ गांव में 20 दिन पहले खुलेतार के स्थान पर केबल डाल दी गई। खुले तार खंभों पर लटके छोड़ दिए। रविवार को सुबह घर से टहलने निकला किसान तार में उलझ गए। करंट लगने से किसान गंभीर रूप से झुलस गए। परिवार वाले शहर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव नावकूड़ में खुले बिजली के तारों से बिजली की सप्लाई दी जा रही थी। इसको बेहतर करने के लिए पिछले दिनों गांव में खुलेतार हटाकर केबल डालने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने केबल तो डाल दी, मगर पुराने तारों को नहीं हटाया। इससे 20 दिनों से तार झूल रहे थे। शनिवार रात किसी तरह पुराने झूलते तार में करंट उतर आया था। रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे गांव निवासी किसाना सुरेंद्र कुमार (40) घर से टहलने के लिए निकले थे। घर से 20 मीटर की दूरी पर एक पेड़ के नीचे झूलते तार की चपेट में आ गए। मगर उस तार में पहले से ही करंट दौड़ रहा था। सुरेंद्रपाल करंट लगने से अचेत हो गए। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित किया।
खुलेतार हटाकर केबल डाली गई थी। पुराने तारों को क्यों नहीं हटवाया गया, रिपोर्ट मांगी गई है। जांच कराई जा रही है। किसान के परिवार को कारपोरेशन की ओर से मुआयवा देने के लिए भी प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - संतोष कुमार मधुकर, अधीक्षण अभियंता पीलीभीत
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विभाग के विरोध में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
पीलीभीत। किसान की मौत पावर कारपोरेशन की लापरवाही से होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर राजस्व टीम भी गांव पहुंच गई। हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए ग्रामीणों को शांत किया। गांव नावकूड़ में रविवार की सुबह किसान सुरेंद्र कुमार के लिए काल साबित हुई। किसान की मौत पावर कारपोरेशन की लापरवाही से होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर पावर कारपोरेशन की टीम मौके पर पहुंच गई। लटकते पुराने तारों को आनन फानन में हटवाया। राजस्व टीम के लोगों ने किसान के परिवार को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों का कहना था कि अगर प्रशासन ने किसान के परिवार को मुआवजा नहीं दिलाया, तो फिर विरोध प्रदर्शन कर पावर कारपोरेशन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

गांव नावकूड़ में पेड़ के पास झूलता विद्युत तार। संवाद- फोटो : PILIBHIT

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