पूछताछ में किसान ने उगला सच
इसके बाद पुलिस ने किसान से दोबारा पूछताछ की, इसमें वह बार-बार अपने बयान बदलता रहा। सख्ती से पूछताछ करने पर किसान ने स्वीकार किया कि लूट की कोई घटना नहीं हुई थी। उसने खुद ही रुपये घर पर रख दिए थे और हाईवे पर जाकर लूट का शोर मचा दिया था।
किसान ने बताया कि उधार के रुपयों से बचने के लिए उसने यह फर्जी ड्रामा रचा था। सीओ सदर आईपीएस नताशा गोयल ने बताया कि जांच में घटना फर्जी पाए जाने पर लूट की रिपोर्ट को एक्सपंज कर दिया गया है। साथ ही फर्जी सूचना देने वाले किसान के खिलाफ न्यायालय के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।