किसानों के आंदोलन के चलते बजाज चीनी मिल चार दिनों से बंद है। शुक्रवार को किसानों ने मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मिल स्वामी का पुतला फूंका। इस बीच उपगन्ना आयुक्त एवं मिल अधिकारियों ने भी किसानों को मनाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी।
गन्ना भुगतान न मिलने से परेशान किसानों ने मंगलवार को बजाज बरखेड़ा को बंद कराकर गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था जो बृहस्पतिवार को अनशन में बदल गया। शुक्रवार को सुबह सात नए किसान क्रमश: जमुना प्रसाद, ईश्वरी प्रसाद, प्रेमपाल, सत्यपाल, महेंद्र पाल, आशाराम व ताराचंद्र अनशन पर बैठे। सुबह बरखेड़ा विधायक हेमराज वर्मा ने किसानों से वार्ता कर जल्द भुगतान का आश्वासन देकर आंदोलन खत्म करने का अनुरोध किया लेकिन किसान राजी नहीं हुए। इसके बाद किसानों ने मिल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मिल मालिक का पुतला फूंका। दोपहर को उपगन्ना आयुक्त एवं डीसीओ मिल गेट पहुंचे और किसानों को मनाने का प्रयास किया। इसके बाद मिल के जोनल यूनिट हेड मनोज अग्रवाल व यूनिट हेड संजय त्रिपाठी ने भी किसानों को मनाने का प्रयास किया। मिल अधिकारियों ने किसानों को गत वर्ष का बकाया 6.21 करोड़ के सापेक्ष पांच करोड़ का भुगतान आाज करने और गत वर्ष के शेष भुगतान के साथ वर्तमान के कुछ भुगतान के रूप में पांच करोड़ रुपया एक सप्ताह में देने का आश्वासन दिया लेकिन किसान इस राजी नहीं हुए। किसानों की मांग की है खरीदे गए गन्ने का पूरा भुगतान किया जाए। इससे पहले उन्होंने आंदोलन खत्म करने से इंकार दिया।