पीलीभीत। 200 बेड के नए जिला अस्पताल के साथ ही अब मानसिक रोगियों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। तैयार किए गए रूपरेखा के अनुसार, मनो-चिकित्सा विभाग में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। इसके लिए नए जिला अस्पताल के भवन में दस बेड सुरक्षित किए गए हैं। साथ ही अलग स्टाफ व सुरक्षाकर्मी की व्यवस्था भी रहेगी।
नए जिला अस्पताल भवन के संचालन को अब सिर्फ शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। सभी वार्डों में फर्नीचर, कुर्सी, मेज आदि की व्यवस्थाएं कर दी गई हैं। अस्पताल संचालन के लिए लगभग संसाधन भी पूरे कर लिए गए हैं। नए जिला अस्पताल भवन में मानसिक रोगियों के इलाज को लेकर भी उचित व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। अभी तक सुरक्षित वार्ड न होने के चलते मरीजों को ट्रामा सेंटर में सिर्फ दवाएं व बातचीत से ठीक किया जाता था। अब गंभीर मानसिक रोगियों को भर्ती करने के लिए वार्ड सुरक्षित कर भर्ती बेड मुहैया कराया जाएगा, जहां 24 घंटे सुरक्षाकर्मी भी आमजन, मरीजों व तीमारदारों की सुरक्षा करेंगे। गंभीर मरीजों को ईसीटी (इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी) भी मिल सकेगी। इसी के साथ आईक्यू टूल से परामर्श भी मिलेगा।
एक गंभीर मानसिक रोगी का चल रहा इलाज
जिला अस्पताल में वर्तमान में सिर्फ एक मानसिक रोगी भर्ती है। इसके लिए कोई विशेष स्टाफ आदि की व्यवस्था नहीं है। लोगों पर आक्रमक होने के कारण इस महिला को सुरक्षित अलग कमरे में अन्य लोगों से दूर रखा गया है। वहीं समय-समय पर महिला को चिकित्सक परामर्श व दवाएं मिलती रहती हैं। संवाद
जिला अस्पताल में मानसिक रोगियों को भर्ती कर इलाज की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए दस बेड भी सुरक्षित किए गए हैं। परामर्श के लिए भवन भी अलग रहेगा। - डॉ. संगीता अनेजा, स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज