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Pilibhit News: सीमांकन के बाद पीटीआर की जमीन पर भी नहीं मिल सका कब्जा

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कलीनगर। शारदा नदी के पार टाइगर रिजर्व की वन भूमि पर वर्षों से चला आ रहा अतिक्रमण अब नासूर बनता जा रहा है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कई बार भूमि का सीमांकन कराया और सीमा पिलर भी लगाए, लेकिन कब्जा लेने की कार्रवाई प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ सकी। हाल में रमनगरा गांव में एक गाटा संख्या के सीमांकन में ही करीब 131 एकड़ भूमि अतिक्रमण की जद में मिली थी। कब्जा लेने पहुंची टीम को महिलाओं के विरोध के कारण पीछे हटना पड़ा। इसके बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया।
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शारदा नदी के पार भूरा गोरखडिब्बी, ढकिया तालुके महाराजपुर, रामनगरा, गुनहान, बिजोरी खुर्द और बिजोरी कलां समेत कई गांवों में वर्षों से वन भूमि पर कब्जे की शिकायतें हैं। इन जमीनों पर गेहूं, धान, गन्ना, सोयाबीन समेत विभिन्न फसलों की खेती की जा रही है। खास बात यह है कि कुछ स्थानों पर पहले सीमांकन कर सीमा पिलर लगाए जाने के बावजूद उनके भीतर भी खेती होने की बात सामने आती रही है। शारदा पार भूमि विवाद का सबसे बड़ा पेच राजस्व और वन भूमि की वास्तविक स्थिति को लेकर है।
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग के पट्टे और टाइगर रिजर्व की भूमि की स्थिति स्पष्ट करने के लिए दोनों विभागों की संयुक्त सर्वे टीम को मौके पर उतारना जरूरी है। राजस्व नक्शों और वन विभाग के अभिलेखों के आधार पर एक साथ सीमांकन होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस व्यक्ति को किस स्थान पर पट्टा मिला है और वास्तविक वन भूमि कहां से शुरू होती है। अलग-अलग विभागों की ओर से किए जाने वाले सर्वे से विवाद और गहराने की आशंका बनी रहती है। इसका फायदा अतिक्रमणकारियों को मिलता है और कार्रवाई के दौरान विरोध की स्थिति पैदा हो जाती है। संवाद
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जल्द ही जमीन खाली कराई जाएगी : एसडीएम
एसडीएम प्रमेश कुमार ने बताया कि 131 एकड़ भूमि चिह्नित की गई। संबंधित लोगों से अभिलेख आदि दिखाने के लिए कहा गया, लेकिन कोई अभिलेख पेश नहीं कर सका। अब समय दिया गया है। जल्द ही जमीन खाली कराई जाएगी।
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रामनगरा में 131 एकड़ भूमि पर मिला था कब्जा
बरसात से पूर्व टाइगर रिजर्व प्रशासन ने रमनगरा में सीमांकन कराया था। एक गाटा संख्या में करीब 131 एकड़ भूमि अतिक्रमण की जद में मिली। इसके बाद जब जमीन कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई शुरू हुई तो महिलाओं को आगे कर विरोध किया गया। बारिश का मौसम आने और मौके की स्थिति को देखते हुए कार्रवाई रोकनी पड़ी। बाद में रामनगरा पुलिस चौकी पर एसडीएम की अध्यक्षता में राजस्व विभाग, टाइगर रिजर्व अधिकारियों और कब्जेदारों के साथ बैठक भी हुई। बैठक में फसल काटने के बाद जमीन खाली करने की बात कही गई, लेकिन वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण की मूल समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
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