पूरनपुर। रामलीला मेला मैदान की दीवार ढहाने के मामले में दूसरे दिन कानूनी कार्रवाई हुई। तहसीलदार से मिली तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इसमें मेला मैदान के सामने फड़ लगाने वालों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस स्थानीय लोगों से संपर्क कर शिनाख्त करने में जुट गई है।
रामलीला मेला मेेदान में बीते साल अवैध कब्जा हटवाया गया था। पहले स्थानीय लोगों ने चंदा करके दीवार निर्माण शुरू किया था। बाद में विधायक बाबूराम पासवान ने विधायक निधि से दस लाख रुपये दीवार बनवाने के लिए दिए थे। विधायक निधि से दी गई रकम खर्च हो गई, लेकिन दीवार पूरी नहीं बन सकी थी। बीते दिनों कुछ समाजसेवी आगे आए और बकाया दीवार का निर्माण शुरू कराया। इस बीच बार-बार अतिक्रमणकारी काबिज होने की कोशिश करते रहे। कुछ फड़ वाले अब भी दुकान लगा लेते हैं, जिन्हें पुलिस हटवा भी चुकी है। कुछ कहने पर झगड़ा करने से भी पीछे नहीं हटते। मंगलवार रात बनवाई जा रही दीवार का कुछ हिस्सा तोड़ दिया गया था। बुधवार को इसकी जानकारी मिलने पर प्रशासन सख्त हुआ था। रामलीला मैदान के कंट्रोलर तहसीलदार विजय कुमार त्रिवेदी ने बृहस्पतिवार को मामले में पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि मेला मैदान के आसपास फड़ लगाने वाले दुकानदारों ने दीवार तोड़ी है। वह कई बार अतिक्रमण की कोशिश भी कर चुके हैं।
कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। महामारी अधिनियम के तहत भी धाराएं शामिल की गई हैं। अब पहचान कराकर गिरफ्तारी की जाएगी।