किसानों की उजाड़ी झोपड़ी, फसलें रौंदी
ग्रामीणों के अनुसार रविवार रात हाथियों ने रमनगरा नंबर चार, ढकिया, गुन्हान क्षेत्र में ग्रामीण सुरेंद्र, गुरदास मंडल, निर्मल, किशोरी मंडल, बाबू, रंजीत, बेचू आदि की झोपड़ी तोड़ दी। इसके अलावा छोटे लाल, कृपाल, सुरेंद्र, रविंद्र आदि की गन्ने और सोयाबीन की फसलों को हाथियों ने रौंद दिया। हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत कायम है। उनका कहना है कि हाथियों की सक्रियता को देख ग्रामीण पहले से ही सतर्क थे, नहीं तो बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था।
एक घंटे दहशत में काटे
ग्रामीण बेचू ने बताया कि रात करीब दो बजे हाथियों का झुंड गांव की ओर आया और कई लोगों की झोपड़ियां तोड़ दी। फसलों को भी रौंद दिया। किसी तरह एकत्र होकर शोर शराबा किया। एक घंटे तक दहशत का माहौल रहा।
झोपड़ी से बाहर निकलना हो गया था मुश्किल
भागमनी देवी ने बताया कि रात में अचानक हाथी झोपड़ी के पास पहुंचा। आहट मिलते ही वह झोपड़ी के भीतर दुबक गई। बाहर निकलने के लिए करीब 10 मिनट तक मशक्कत करनी पड़ी। किसी तरह भागकर जान बचाई। -
विभाग सतर्क, गंधक पोटाश से हाथियों को खदेड़ने पर जोर
हाथियों की बढ़ती संख्या और सक्रियता को देखते हुए विभाग ने शारदा पार स्टाफ की संख्या बढ़ाई है। क्षेत्रीय इंचार्ज रेंजर मोहम्मद आरिफ के अनुसार हाथियों की संख्या अधिक है। करीब सात वनकर्मियों की टीम निगरानी कर रही है। सक्रियता को देखते हुए गंधक और पोटाश की व्यवस्था की गई है। पटाखे दागने के साथ ही ट्रैक्टरों के शोर से हाथियों को खदेड़ने की योजना पर अमल होगा।