पीलीभीत। नगर पालिका परिषद पीलीभीत को स्मार्ट पालिका बनाने की कवायद तेज हो गई है। शासन की ओर से गठित पांच सदस्यीय टीम ने पीलीभीत पहुंचकर जरूरी जानकारी जुटाई है। टीम ने अंतर विश्लेषण के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए बारीकी से जांच की। उन्होंने पालिका चेयरमैन से भी स्मार्ट पालिका को लेकर चर्चा की।
प्रदेश के जिलों के मुख्यालय की छह नगर पालिकाओं के नाम चिह्नित किए गए हैं। इन्हें स्मार्ट नगरपालिका बनाने के लिए स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में पांच सदस्यीय टीम पीलीभीत पहुंची। इसमें नगर विकास विभाग की कंसल्टेंट प्रांजलि त्रिपाठी, श्वेता गोस्वामी, श्रवण डिंडी, गौरव पांडे और श्रीयंका गुप्ता ने चार दिन पहले पीलीभीत पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया है।
नगर पालिका डॉ. आस्था अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश की छह नगर पालिका में कुशीनगर, महोबा, संभल, बहराइच, मिर्जापुर की सूची में नगर पालिका पीलीभीत का नाम सबसे ऊपर है। स्मार्ट पालिका बनाए जाने पर शासन की ओर से करीब 100 से डेढ़ सौ करोड़ रुपये अवमुक्त किए जाते हैं। इस धनराशि से विभिन्न विकास कार्य कराए जाते हैं। इसमें पानी की आपूर्ति, सुरक्षित विद्युत आपूर्ति, कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन, किफायती आवास, आईटी कनेक्टिविटी, सुशासन और टिकाऊ पर्यावरण से संबंधित कार्य शामिल हैं।