पीलीभीत। सीबीएसई की परीक्षा में जिले में टॉप करने वाली छात्रा कृति अग्रवाल ने इसका श्रेय कॉलेज के शिक्षक और अपने अभिभावकों को दिया है। छात्रा का कहना है कि कोरोना काल में कॉलेज बंद होने के बाद भी कॉलेज ने ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई को पूरा कराया और घर में रहने के दौरान माता-पिता का भरपूर सहयोग और मेहनत ने उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया। अब उनका सपना सीए बनने का है जिसे वह पूरा करना चाहती हैं।
शहर के मोहल्ला शेखचंाद के रहने वाले रचित अग्रवाल पेश से एक व्यवसायी हैं। उनके दो बच्चे हैं जिसमें सबसे बड़ी बेटी कृति अग्रवाल और बेटा आकाश अग्रवाल है। घर पर उनकी पत्नी रेनू अग्रवाल और पिता श्याम कुमार अग्रवाल है। उनकी बेटी कृति 12 वीं में शहर के बेनहर कॉलेज में कामर्स से पढ़ाई कर रही थी। कोरोना काल शुरू होने के बाद विद्यालय बंद कर दिए गए थे। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो गई। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा को कॉलेज ने हथियार बनातेे हुए पढ़ाई को पूरा कराया। कृति ने बताया कि कोरोना काल में सोचकर डर लग रहा था कि पढ़ाई कैसे होगी परीक्षा होगी या नहीं।
ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा शुरू की गई। तो घर पर माता पिता और बाबा की शरण में रहकर पढ़ाई को पूरा किया। अगर कुछ समझ नहीं आता था । तो कॉलेज के शिक्षकों से पूछते थे। अपनी कड़ी मेहनत और लगन और कॉलेज के शिक्षकों का सहयोग और माता-पिता के आशीर्वाद से जिले में 99.8 प्रतिशत अंक से जिले में टॉप किया। परिवार वालों को जानकारी होने के बाद खुशी से झूम उठे। स्कूल पहुंचकर कृति के परिवार वालों ने कॉलेज के शिक्षिकों को मिठाई खिलाकर बधाई दी। अब कृति दिल्ली में एडमिशन लेकर अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करेंगी। कॉलेज प्रबंधक परिवंदर सिंह सैहमी ने कृति को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।