पूरनपुर। सुबह छह से सात बजे के बीच एक तरफ झमाझम बारिश हो रही थी तो दूसरी तरफ बीआरसी केंद्र भवन
( इसमें खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भी है) में अचानक आग लग गई। इसमें पांच कंप्यूटर सेट, सेफ में रखे जरूरी अभिलेख, केबिन, कुर्सी आदि सामान जलकर राख हो गया। आग लगने की घटना के पीछे कोई अन्य वजह मानी जा रही है, हालांकि खंड शिक्षा अधिकारी ने शार्ट सर्किट से आग लगने की बात कही। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। बीएसए ने बीआरसी केंद्र पहुंचकर आग लगने की घटना की जानकारी ली।
बीआरसी केंद्र भवन में शुक्रवार सुबह छह से सात बजे के बीच उस समय संदिग्ध हालात में आग लग गई, जब कस्बे में झमाझम बारिश हो रही थी। अचानक बिल्डिंग से धुआं उठा तो आग लगने की जानकारी लोगों को हुई। इससे शिक्षक स्टाफ में हड़कंप मच गया। पड़ोसियों ने इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को मोबाइल से दी। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात कुछ कर्मचारी और शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम को आग बुझाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। फायर ब्रिगेड टीम ने कार्यालय की खिड़की तोड़कर डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बमुश्किल आग पर काबू पाया। इसमें पांच कंप्यूटर सेट, दफ्तर की सेफ, जरूरी अभिलेख, फर्नीचर, केबिन समेत अन्य जरूरी सामान भी जलकर राख हो गया। बीआरसी भवन में आग लगने की घटना को लोग संदिग्ध मान रहे हैं। आग लगने की घटना को लोग जरूरी अभिलेख नष्ट करने के लिए षड्यंत्र के रूप में भी देख रहे हैं। आस-पास के लोगों में चर्चा है कि किसी खास मकसद के लिए तो आग नहीं लगवाई गई। दूसरी ओर खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश पाल का कहना है कि बीआरसी केंद्र की बिल्डिंग में आग शार्ट सर्किट से लगी है। रात में बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए दो चौकीदार शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक प्रतिदिन रहते है।
चौकीदार चले गए, तब लगी आग
मगर, चौकीदारों के जाने के बाद आग लगने घटना हुई है। अधिकांश अभिलेख शासन से मिले बजट से संबंधित थे। बच्चों की किताबें, ड्रेस वितरण, मिड-डे मील समेत अन्य मदों के हिसाब-किताब की फाइलें भी जल गई हैं।
कंप्यूटर इंवर्टर सब खुला था
बीआरसी केंद्र भवन में जिस समय आग लगी उस समय कार्यालय के अंदर रखा कंप्यूटर, इंवर्टर सब कुछ खुला था। ऐसे में सवाल यह है कि क्या कर्मचारी बृहस्पतिवार की शाम कंप्यूटर, इंवर्टर खुला छोड़कर गए थे। कंप्यूटर सेट और इंवर्टर खुले होने की पुष्टि फायर यूनिट के इंचार्ज उमेश चंद्र पाठक ने भी की। उन्होंने बताया कि आग बुझाने के लिए जिस समय खिड़की को तोड़ा गया तो देखा अंदर कंप्यूटर सेट चल रहे थे। इंवर्टर भी खुला था।