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Pilibhit News: पहले काम किए नहीं, अब नदी का जलस्तर बढ़ गया... तबाही की आशंका में डरे लोग

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शारदा नदी किनारे गांव राहुल नगर के समीप अधूरा पड़ा बचाव कार्य। स्रोत ग्रामीण
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पूरनपुर। शारदा नदी उफनाने लगी है और धनाराघाट क्षेत्र में बाढ़ से बचाव के काम सिर्फ तीस फीसदी हो पाए हैं। राहुल नगर में भी अफसरों की अनदेखी के चलते काम पूरा नहीं हो सका है। जलस्तर बढ़ने से काम पूरा होने की संभावना भी कम हो गई है। इससे चंदिया हजारा, राहुलनगर सहित आसपास के गांवों के लोग फिर तबाही की आशंका से डरे हुए हैं।
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शारदा नदी हर साल क्षेत्र में तबाही मचाती है। करीब डेढ़ साल पहले क्षेत्र को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए नौ करोड़ रुपये की लागत से नदी का चैनलाइजेशन कराया गया। इतनी ही लागत से गांव चंदिया हजारा के समीप डोला (तटबंध का रूप) बनाया गया। मगर पिछले साल पहली बाढ़ में ही डोला कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गया। नदी का चैनलाइजेशन भी बाढ़ को नहीं रोक पाया था।
नदी ने पिछले साल जमकर तबाही मचाई। बाढ़ की तबाही रोकने को इस बार चंदिया हजारा और राहुलनगर के समीप बचाव कार्य शुरू कराए गए। चंदिया हजारा के समीप तो काम पूरा हो गया। राहुलनगर के समीप काफी देर से और धीमी गति से शुरू हुए काम को लेकर अब तक काम पूरा नहीं हो सका। करीब 25 प्रतिशत अभी काम होना बाकी है।
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इसके अलावा नदी का चैनेलाइजेशन फेल होने पर सिंचाई विभाग कानपुर की ओर से नदी के धनाराघाट के समीप जियो ट्यूब लगाना शुरू किया गया। यहां 15 से अधिक जीओ ट्यूब लगाए जाने थे। बमुश्किल अब तक पांच जीओ ट्यूब ही लग पाए। नदी का जलस्तर बढ़ने लगा और करीब दस दिन से दोनों स्थानों पर बचाव कार्य बंद पड़ा है। नदी उफनाने लगी है। ऐसे में क्षेत्र के लोग अब बचाव कार्य होना मुश्किल होना मान रहे है।

खेतों में शुरू हुआ जलभराव

बारिश शुरू होने और बनबसा बैराज से पानी पास किए जाने के कारण शारदा नदी उफनाने लगी है। शनिवार को 1.15 लाख क्यूसेक पानी पास होने से आसपास के खेतों मेंं एक से डेढ़ फुट का जलभराव हो गया।


धनाराघाट के समीप से कटान होने की आशंका से डरे लोग

गांव चंदिया हजारा और राहुलनगर के समीप बचाव कार्य पूरे न होने से अब लोग इस बार धनाराघाट के समीप से भूकटान होने की आशंका से डरे हुए हैं।


आरोप : अफसरों ने किया बंदरबांट
बाढ़ की तबाही से क्षेत्र को उजाड़ने की सोची समझी साजिश के तहत गांव राहुलनगर के पास देरी से काम शुरू कराया गया। इससे बचाव कार्य पूरा नहीं हो सका। अब काम होने मुश्किल हैं। कागजों में बचाव कार्य पूरा होना दिखाकर धनराशि का बंदरबांट कर लिया जाएगा।
-देवाशीष राय, राहुलनगर


क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। दिखावा नहीं। इस बार दिखावे के लिए राहुलनगर के समीप बचाव कार्य कराया गया। बाढ़ से तबाही निश्चित है। बचाव कार्य और जीओ ट्यूब लगाना सब नाटक है।
-रामभरोसे, राहुलनगर


पिछले साल हुई तबाही झेलने वाले गांव के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। तब बचाव कार्य शुरू हुआ, मगर देर से। ठेकेदार ने बहुत ही धीमी गति से काम कराया। ताकि काम पूरा किए बगैर बाढ़ का बहना दिखाकर मोटा मुनाफा कमाया जा सके।
-एशान मंडल


बाढ़ से क्षेत्र को बचाने के लिए हर साल करोड़ो रुपये ठिकाने लगाए जाते हैं। बचाव कार्य तो नाममात्र का होता है। क्षेत्र के लोगों को कोई फायदा नहीं होता। कमीशनखोरी से लोगों को मोटी रकम मिलती है। बाढ़ से बचाव के काम नौजलिया से शारदा सागर डैम तक होने चाहिए। तभी क्षेत्र से तबाही रुकेगी।
- मनोज विश्वास

शारदा नदी के अंतर्गत क्षेत्र में अधिकतर कार्य तो राहुलनगर क्षेत्र में कटर का काम पूरा हो चुका है। परकोपाइन का कार्य भी 80 फीसदी पूरा कर लिया गया है। शेष कार्य जारी है।

- आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड

शारदा नदी किनारे गांव राहुल नगर के समीप अधूरा पड़ा बचाव कार्य। स्रोत ग्रामीण

शारदा नदी किनारे गांव राहुल नगर के समीप अधूरा पड़ा बचाव कार्य। स्रोत ग्रामीण

शारदा नदी किनारे गांव राहुल नगर के समीप अधूरा पड़ा बचाव कार्य। स्रोत ग्रामीण

शारदा नदी किनारे गांव राहुल नगर के समीप अधूरा पड़ा बचाव कार्य। स्रोत ग्रामीण

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