नेशनल हेल्थ मिशन के तहत सीएमओ कार्यालय में हुए साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने फार्म निरस्त होने पर जमकर हंगामा किया। बताते हैं कि बाद में इन सभी को इंटरव्यू प्रक्रिया में शामिल कर लिया। इंटरव्यू प्रक्रिया देर शाम तक जारी रही।
सीएमओ कार्यालय में बुधवार को डिस्ट्रिक प्रोग्राम कोआर्डीनेटर, पीपीएम कोआर्डीनेटर, लैब टेक्नीशियन, डाटा इंट्री आपरेटर, डिस्ट्रिक लेप्रोसी कंसलटेंट, फिजियोथेरेपिस्ट के एक-एक, एसटीएस के छह, एकाउंटेंट के सात, एएनएम के दो व पैरामेडिकल वर्कर के छह पदों के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू हुई। इन सभी 27 पदों को लेकर करीब 450 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। डीएम द्वारा नामित पैनल के कुछ सदस्यों के देरी से पहुंचने के चलते इंटरव्यू करीब तीन घंटे देरी से शुरू हो सकी। इस बीच पीपीएम कोआर्डीनेटर के कुछ अभ्यर्थियों को उनके फार्म निरस्त होने की जानकारी मिली। जिस पर उन्होंने शोर शराबे के साथ हंगामा करना शुरू कर दिया। बताते हैं कि कुछ अभ्यर्थियों ने मामले की शिकायत डीएम से भी की। सूत्रों के मुताबिक हंगामा बढ़ता देख इनमें से कुछ अिभ्यिर्थयों के नाम शामिल कर उन्हें इंटरव्यू प्रक्रिया में शामिल कर दिया। इंटरव्यू प्रक्रिया देरी से शुरू होने के चलते प्रक्रिया देर शाम तक जारी रही। जिसके चलते जनपद के अलावा गैर जनपदों से आए अभ्यर्थियों खासकर महिला अभ्यर्थियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। पैनल में एडीएम अजयकांत सैनी, सीएमओ डॉ. ओपी सिंह, सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया, डीटीओ डॉ. राजेश भट्ट, डॉ. मोहम्मद असलम व डॉ. रामवीर सिंह शामिल रहे। इंटरव्यू प्रक्रिया 15 सितंबर को भी जारी रहेगी। इस संबंध में सीएमओ डॉ. ओपी सिंह से दूरभाष पर बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
पैनल के एक सदस्य ने दो स्थानों पर लिए इंटरव्यू
सीएमओ कार्यालय में 27 पदों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर डीएम द्वारा छह सदस्यीय पैनल बनाया गया था। बताते हैं कि इस पैनल में शामिल एक सदस्य सीएमओ कार्यालय में चली साक्षात्कार प्रक्रिया में तो शामिल रहे ही, साथ ही उन्होंने एक अन्य स्थान पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में पहुंचकर इंटरव्यू लिए। मामला खासा चर्चा का विषय बना रहा।