पूरनपुर। शारदा नदी पर बने पैंटून पुल को शुक्रवार से हटाना शुरू कर दिया गया। शनिवार को पटले हटाने का काम तेजी से किया गया। पुल हटने से शारदा पार के गांवों का आवागमन तहसील मुख्यालय से कट गया है। अब लोगों को तहसील मुख्यालय आने-जाने के लिए दो जिलों की सीमा से होकर 30 की जगह 130 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ रही है। स्वीकृत पक्के पुल की कब एनओसी मिलेगी। कब पुल का निर्माण शुरू होगा, यह क्षेत्र के लोगों में अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
शारदा नदी पर 15 अक्तूबर को पुल तैयार कर आवागमन शुरू कराने और 15 जून को बाढ़ की आशंका में पुल हटाने की तिथियां निर्धारित है। मगर चार सालों से पैंटून पुल से आवागमन समय से नहीं शुरू हो पा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर इस बार तो पैंटून पुल निर्धारित तारीख से तीन दिन पहले ही शुक्रवार को हटाना शुरू कर दिया गया।
शनिवार को पुल के पटले और अन्य सामान तेजी से हटाना शुरू किया गया। पैंटून पुल से आवागमन बंद होने पर अब तहसील मुख्यालय आवागमन करने वालों को 30 की जगह 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। तहसील मुख्यालय आने-जाने के लिए लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर, पलिया, भीरा, मैलानी और शाहजहांपुर के खुटार होते हुए जाना पड़ रहा है।
कब मिलेगी एनओसी, कब शुरू होगा पुल का निर्माण
नदी पर पक्के पुल की दो दशक से मांग की जा रही थी। केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने 15 अगस्त 2023 को सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन कराया था। दो अरब 69 करोड़ 13 लाख 59 हजार रुपये पूरनपुर-धौरी कंचनपुर मार्ग पर धनाराघाट पर शारदा नदी सेतु मार्ग, अतिरिक्त पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्य के लिए स्वीकृत किए गए थे। इसमें से 94 करोड़ 19 लाख, 76 लाख रुपये का बजट लोकसभा चुनाव से पहले जारी भी हो चुका है। पुल निर्माण के टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो सेतु निर्माण में वन विभाग की पड़ने वाली जमीन के बदले वन विभाग को दूसरी जगह जमीन भी दे दी गई है। मगर एनओसी न मिलने से अब तक पुल का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। पक्के पुल को कब एनओसी मिलेगी और कब निर्माण शुरू होगा। क्षेत्र के लोगों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
तीन किलोमीटर से अधिक होगी पुल की लंबाई
पूरनपुर-धौरी कंचनपुर मार्ग पर धनाराघाट पर बनने वाले मुख्य सेतु की लंबाई तीन किलोमीटर 287 मीटर होगी। इसके अलावा पहुंच मार्ग भाग की लंबाई 200-200 मीटर होगी। पुल बन जाने से तहसील क्षेत्र के शारदा नदी पार के लिए आवागमन आसान होगा। इसके अलावा लखीमपुर, पलिया, संपूर्णानगर और नेपाल आवागमन की भी दूरी कम होगी।
बस मालिकों में रोष, बसों के कागज सरेंडर करने की दी चेतावनी
धनाराघाट रोड पर ई-रिक्शा के बढ़ते संचालन से बस मालिकों में रोष है। पूरनपुर-टाटरगंज बस यूनियन के प्रबंधक लियाकत हुसैन ने शुक्रवार को एआरटीओ से मिलकर 25 जून से बसों के कागज एआरटीओ कार्यालय में सरेंडर करने की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि बस मालिक पूरे साल का कर जमा करते है। मगर मात्र छह महीने ही बसों का संचालन हो पाता है। इसके बाद बसें पूरनपुर से चंदिया हजारा तक आवागमन करतीं हैं। उन्होंने बताया कि रोड पर ई-रिक्शा का संचालन बढ़ गया है। ई-रिक्शा चालक मात्र कुछ सवारियां लेकर चंदिया हजारा, राहुलनगर, खिरकिया बरगदिया की सवारियां ढोते है। ऐसे में बसों को सवारियां नहीं मिल पातीं। उन्होंने बताया कि अगर गलत ढंग से चल रहे ई-रिक्शा पर कार्रवाई नहीं हुई तब 25 जून से पूरी तरह बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। बसों के कागजात एआरटीओ कार्यालय में जमा करा दिए जाएंगे।