मंडल रेल प्रबंधक निखिल पांडेय ने जिले में हो रहे ब्राडगेज कार्यों का जायजा लिया। वहीं पूरनपुर रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान गंदगी मिलने पर उन्होंने सफाई ठेकेदार पर दस हजार जुर्माना डालने के निर्देश दिए। साथ ही प्रथम श्रेणी वेटिंग रूम को सामान्य यात्रियों के लिए खोलने के निर्देश दिए।
डीआरएम शनिवार सुबह सड़क मार्ग से होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने बरसात के बीच प्लेटफार्म नंबर एक व दो पर कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। प्लेटफार्म नंबर तीन और चार पर सफाई व्यवस्था देखी। कुछ स्थानों पर मामूली खामियां मिलने पर उन्होंने तत्काल सुधार लाने को कहा। कैरेज विभाग का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने हाइड्रोलिक जैक को चलाने के निर्देश दिए, बिजली सप्लाई न होने के चलते कर्मचारियों ने उसे जनरेटर से संचालित किया। करीब 15 मिनट तक स्थानीय रेल अफसरों से वार्ता करने के बाद वह विशेष सैलून से पूरनपुर की ओर रवाना हो गए। इस मौके पर स्टेशन अधीक्षक मोहम्मद इजराइल समेत बीजी के तमाम अफसर मौजूद रहे।
पूरनपुर। मंडल रेल प्रबंधक निखिल पांडेय ने शनिवार अपरान्ह यहां पहुंचकर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। ब्राडगेज लाइन को लेकर बनाए रहे भवन निर्माण को देखा। टिकट घर में भीषण गंदगी पर उन्होंने स्टेशन अधीक्षक एसएन प्रसाद को तलब कर नाराजगी जताई, साथ ही सफाई ठेकेदार पर दस हजार रुपये जुर्माना डालने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान लोगों ने रेलवे स्टेशन पर अधिकांश लाइटों के खराब होने की शिकायत की। इस पर उन्होंने सौर ऊर्जा की लाइटों की जानकारी कर तीन दिन के अंदर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश अधीनस्थों को दिए। यूरेनल पर टिन शेड डालने और महिला यूरेनल के गेट पर दरवाजा लगवाने के निर्देश दिए। कुछ लोगों ने वेटिंग रूम पर कर्मचारियों का ही कब्जा होने की शिकायत की। जिस पर डीआरएम ने वेटिंग रूम सामान्य रेल यात्रियों के लिए खोलने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद डीआरएम बरेली को रवाना हो गए।
...और देखकर लौट गए डीआरएम
पीलीभीत। ब्राडगेज कार्य के चलते रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक और दो को ऊंचा किया जाना है। कुछ दिन पूर्व प्लेटफार्मों पर मिट्टी डालने का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन मात्र एक रात ही मिट्टी डालने के बाद काम रोक दिया गया। बताते हैं कि उक्त मिट्टी रेलवे परिसर से ही उठाकर डाली जा रही थी, जिस पर किसी अधिकारी के आपत्ति जताने के बाद काम रोक दिया गया था। जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी गई थी। शनिवार को पहुंचे डीआरएम भी उस स्थान को देखने पहुंचे जहां से मिट्टी निकाली गई थी। हालांकि इस मामले में उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की और देखने के बाद चुपचाप चले गए।