पीलीभीत। रोडवेज बसों के चालक-परिचालकों को ड्यूटी के समय वर्दी पहनने के आदेश हैं। इसके बाद बावजूद चालक-परिचालक वर्दी नहीं पहनते हैं। वहीं, अफसर भी इसको लेकर अनजान बने हैं। जबकि शासन से प्रति यूनीफार्म 1800 रुपये दिया जा रहा है।
स्थानीय डिपो से 94 बसों का संचालन किया जा रहा है। बस संचालन के लिए संविदा चालक 194 व परिचालक 168 है। नियमित चालक 17 और परिचालक 16 है। इसके अलावा आउटसोर्स पर करीब 32 परिचालक परिवहन की बसों पर अपनी सेवाएं दे रहे है।
शासन स्तर से कर्मचारियों की वर्दी के लिए 1800 रुपये दिया जाता है। इसके बाद भी वह वर्दी पहनने से बच रहे हैं। बुधवार को की गई पड़ताल में कई बसों में चालक-परिचालक बिना यूनीफार्म के नजर आए। किसी ने यूनीफार्म की पैंट पहनी थी, तो शर्ट दूसरी थी। यह हाल तब है जब शासन की ओर से आदेश जारी हुआ कि चालक-परिचालक वर्दी में ही ड्यूटी करेंगे। बिना यूनीफार्म के मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद शासन से आए आदेश का अफसर पालन नहीं करा पा रहे हैं। एआरएम पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुराने चालकों को वर्दी के लिए रुपये दिए गए हैं। जो वर्दी पहनकर नहीं बस संचालन नहीं कर रहे है। उन्हें लगातार चेतावनी दी जा रही है।
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नई महिला परिचालकों को नहीं मिली वर्दी
-बरेली में आयोजित हुए रोजगार मेले में महिला परिचालकों को चयन किया गया। इसमें स्थानीय डिपो को करीब 40 महिला परिचालकों की नियुक्ति की गई, लेकिन इनमें दो तीन महिला परिचालकों को छोड़ अभी शेष महिला परिचालकों को वर्दी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है।