पीलीभीत। शहर को स्वच्छ व देवहा नदी को अपशिष्ट जल से बचाने के लिए दो साल पहले नदी किनारे लगभग पांच करोड़ की लागत से बनाया गया फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का संचालन अब तक ठप पड़ा है। संचालन की राह में मरम्मत के लिए बजट का रोड़ा बताया जा रहा है। उधर, पूरनपुर और बीसलपुर ब्लॉक की एक-एक ग्राम पंचायत में बनने वाले एफएसटीपी की राह में जमीन का रोड़ा अटका हुआ है।
नगर क्षेत्र में लगभग साढ़े तीन लाख की आबादी है। साफ-सफाई और शहर से गुजरी देवहा नदी के जल की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए आवासीय और कामर्शियल भवन के सेप्टिक टैंक से निकलने वाले मल और गंदे पानी के निस्तारण के लिए वर्ष 2022 में एफएसटीपी को मंजूरी दी गई थी।
बरेली जल निगम शहरी की ओर से शहर से सटे देवहा नदी पुल के निकट 5.21 करोड़ की लागत से प्लांट लगाया गया। नवंबर 2023 में इसे नगर पालिका के हैंडओवर कर दिया गया। सात माह के संचालन के बाद जुलाई 2024 में आई बाढ़ से प्लांट क्षतिग्रस्त हो गया। तब से इसका संचालन ठप है। शहर की गंदगी नालों के रास्ते सीधे देवहा नदी में गिर रही है। नगर पालिका के जिम्मेदारों की कार्रवाई एफएसटीपी की मरम्मत के लिए 51 लाख का प्रस्ताव बनाकर भेजने तक सीमित है।
बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में कैसे चलेगा पांच करोड़ का एफएसटीपी
वैसे तो एफएसटीपी नदी के किनारे ही लगाया जाता है। लेकिन इसके बेहतर संचालन के लिए इसको नदी के पानी से ऊंचाई वाले स्थान पर बनाए जाने का नियम है। जिससे नदी का बहाव कभी इसको क्षतिग्रस्त न कर दे। मगर जल निगम की ओर से इसको बनाते समय स्थान के चयन में लापरवाही बरती गई। जिस जगह पर एफएसटीपी बनाया, वहां बाढ़ की संभावना मानसून में बनी रहती है।
वर्जन
क्षतिग्रस्त एफएसटीपी को दुरुस्त कराने के लिए पूर्व में एस्टीमेट भेजा गया था। बजट स्वीकृत होने के बाद इसका दोबारा संचालन किया जाएगा। शासन से एफएसटीपी के संचालन को लेकर पत्राचार भी किया जा रहा है। - संजीव कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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चार माह बाद भी पंचायत विभाग को नहीं मिली जमीन, कार्य लटका
पीलीभीत। चार माह बीत जाने के बाद भी पूरनपुर व बीसलपुर तहसील के जिम्मेदार पंचायत विभाग को एफएसटीपी के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा सके। इस वजह से शासन प्राथमिकता वाले कार्य की शुरुआत अब तक नहीं हो सकी है। हाल ही में डीएम की ओर से विभाग को पत्र जारी कर निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जिले की पूरनपुर और बीसलपुर ब्लॉक क्षेत्र में जगह की उपलब्धता के आधार पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत से एफएसटीपी का निर्माण होना है। यह कार्य पंचायत विभाग की ओर से कराया जाना है। इसके लिए दोनों ब्लॉकों के बीडीओ व एसडीएम को निर्देश जारी किए गए हैं कि आबादी वाले स्थान से दूर पंचायती राज विभाग को जमीन उपलब्ध कराई जाए। चार माह बीत जाने के बाद भी विभाग को जमीन नहीं मिल सकी है।
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वर्जन
जमीन उपलब्ध न होने के कारण विभाग अभी इसका निर्माण कार्य शुरू नहींं करा सका है। जमीन मिलते ही जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।-रोहित भारती, डीपीआरओ।