पीलीभीत। जिला महिला अस्पताल के परिसर में परिजनों के पास से मृत नवजात को कुत्ता उठाकर ले गया। जब परिजनों की आंखें खुली तो मुंह में दबाकर कुत्ता नवजात को ले जाता दिखाई दिया। परिजन पीछे दौड़े और शोर मचाया। कुत्ता नवजात को छोड़कर भाग गया। बिना आरोप प्रत्यारोप के परिजन शुक्रवार सुबह मृत नवजात को घर ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
हादसा बृहस्पतिवार देर रात का है। गजरौला थाना क्षेत्र के सराय सुंदरपुर निवासी अजय पाल अपनी पत्नी रेशमा को लेकर बुधवार को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल आए थे। रेशमा ने बृहस्पतिवार की रात लगभग 9 बजे एक मृत नवजात शिशु को जन्म दिया। रात ज्यादा होने के कारण परिजन अस्पताल में ही रुक गए।
परिजनों के अनुसार सुबह लगभग चार बजे प्रसूता के ससुर सुमेरलाल की झपकी लग गई। इस बीच उनके पास रखे नवजात के शव को कुत्ता उठा कर ले गया। कुछ ही देर में जब उनकी आंख खुली तो उन्होंने सुरक्षा कर्मियों के साथ अपने मृत पोते के शव को ढूंढा कुछ ही देर में एक कुत्ता मुंह में दबाकर उनके मृत्यु पोते को ले जाता हुआ दिखाई दिया। जब परिजन कुत्ते की ओर दौड़े तो नवजात को छोड़कर कुत्ता भाग गया। तब तक कुत्ते ने दातों से मृत नवजात को जख्मी भी कर दिया था। शुक्रवार सुबह परिजनों ने मृत नवजात को गांव में ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि परिजनों ने खुद की गलती को स्वीकार किया है। इधर अन्य मरीज व तीमारदार अस्पताल परिसर की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
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प्राचार्य ने ईओ को लिखा पत्र
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को आवारा कुत्तों पर नियंत्रण करने को लेकर पत्र लिखा है। इसी के साथ अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बनाए जाने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन
हादसा अस्पताल के बाहरी परिसर में हुआ, परिजनों से लापरवाही हुई है। वह अपनी गलती स्वीकार कर रहे हैं भविष्य में ऐसा ना हो इसके लिए सुरक्षा बढ़ाई गई है।
डॉ. राजेश कुमार, अधीक्षक जिला अस्पताल