पीलीभीत। जिला अस्पताल में चिकित्सक मेडिकल कॉर्पोरेशन की तय सूची में दर्ज दवाओं को छोड़कर मरीजों को प्राइवेट मेडिकलों से दवाएं लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इससे मरीजों को घंटों के परामर्श के साथ बाहरी मेडिकलों से महंगी दवाएं खरीदने से दोहरी चोट पड़ रही है।
जिला अस्पताल के सभी चिकित्सकों को मेडिकल कॉर्पोरेशन की ओर से जारी सूची के अनुसार मरीजों को दवाएं देने के निर्देश दिए गए हैं। सभी को लगभग 200 दवाओं की सूची भी उपलब्ध कराई गई है, लेकिन चिकित्सक इसके बाद भी सूची की दवाओं को नहीं लिखकर मरीजों को अस्पताल के बाहर प्राइवेट मेडिकलों की दवाएं लिख रहे हैं।
मंगलवार को जिला अस्पताल में की गई पड़ताल में निकलकर आया कि, परामर्श लेकर लौट रहे मरीज प्राइवेट मेडिकलों की ओर पर्चे पर लिखी काफी हद तक दवाएं लेने जा रहे हैं। जब उनसे बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि चिकित्सक ने किसी प्रकार की सूची देखे बिना ही दवाएं लिखकर बाहर से लेने को बोला है। वहीं चिकित्सकों के कक्षों में देखने पर पाया गया कि कई चिकित्सकों के कक्ष ऐसे में मिले, जिसमें मेडिकल कॉर्पोरेशन से तय दवाओं की सूची ही गायब है।
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चिकित्सक ने किसी भी प्रकार के पन्ने में देखकर दवाएं नहीं लिखी है, कुछ दवाएं मिली हैं कुछ बाहर से लेने को बोला है।
सर्वेश
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अस्पताल में कुछ दवाएं कम हैं, डॉक्टर ने यह बोलकर बाहर मेडिकल से दवा लेने को बोला है।
गौरीशंकर
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कई बार पहले भी दवा लेने आ चुका हूं। नया पर्चा बनवाकर दो दवाएं चिकित्सक ने बाहर से लेने को बोला।
नन्हेलाल
वर्जन
विभागीय चिकित्सकों को मेडिकल कॉर्पोरेशन की तय सूची में देखकर जिला अस्पताल में उपलब्ध दवाएं लिखने के निर्देश दिए गए हैं। जो कि उनको उपलब्ध भी कराई गई है।
डॉ. संगीता अनेजा, स्वशासी चिकित्सा राजकीय महाविद्यालय
सर्वेश का पर्चा। संवाद
सर्वेश का पर्चा। संवाद
सर्वेश का पर्चा। संवाद
सर्वेश का पर्चा। संवाद
सर्वेश का पर्चा। संवाद
सर्वेश का पर्चा। संवाद