पीलीभीत। विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को आयोजित लोक अदालत में 2.12 लाख से अधिक वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। आपसी मनमुटाव और विवाद में लंबे से अलग रह रहे 20 जोड़ों ने साथ रहने की हामी भरी। न्यायालय से ही इनकी विदाई कराई गई। वादों के निस्तारण में 9.28 करोड़ रुपये की राजस्व राशि जमा हुई।
शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष/ जनपद न्यायाधीश रविंद्र कुमार (चतुर्थ) ने सुबह 10 बजे दीवानी न्यायालय परिसर में दीप जलाकर लोक अदालत का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने अपर सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी व प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव सतीश कुमार व अन्य न्यायिक अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत का निरीक्षण किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में संबंधित न्यायिक अधिकारियों ने दीवानी, पारिवारिक, राजस्व, बैंक लोन, मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा, वन, फौजदारी, चेक बाउंस, विद्युत अधिनियम आदि वादों का निस्तारण किया। इस मौके पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार डुंगराकोटि, मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से राम कुशल, फैमिली कोर्ट से संजीव कुमार सिन्हा, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट राम किशोर (चतुर्थ) अपर जिला जज महेशानंद झा, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट अनु सक्सेना, विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट त्रिभुवन नाथ पासवान रहे।
पांच साल से चल रहा था विवाद, अब साथ रहने को राजी
अमरिया थाना क्षेत्र के गांव निवासी प्रमोद और सुमन में किसी बात लेकर विवाद हो गया। आपसी मनमुटाव बढ़ने पर दोनों अलग रहने लगे। मामला न्यायालय तक पहुंच गया। इसका असर परिवार पर पड़ने लगा। भरण-पोषण का वाद चल था। शनिवार को लोक अदालत में दोनों ने आपसी सहमति से सुलह-समझौता कर लिया। करीब पांच वर्ष से अलग रह रहे प्रमोद व सुमन अब साथ रहेंगे।
दो साल से अलग रह रहे थे अनुज व क्रांति
गजरौला क्षेत्र के निवासी अनुज और क्रांति दो साल से अलग रह रहे थे। दोनों में मनमुटाव चल रहा था। शनिवार को लोक अदालत में दोनों का विवाद दूर हो गया। दोनों ने अब साथ रहने की हामी भरी। इसी तरह माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव निवासी शिव स्वरूप और न्यूरिया निवासी किरण के बीच चल रहा विवाद भी दूर हो गया। यह दोनों भी दो साल से अलग रह रहे थे।