पीलीभीत के जिला चिकितसालय परिसर में आयोजित दिव्यांग शिविर में पहुंचे लोग।संवाद
पीलीभीत। रजनी के दोनों हाथ खराब होने के कारण वह अपने बहन-बहनोई के साथ दिव्यांग शिविर में प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचीं। कतार में काफी देर इंतजार करने के बाद जब उनका नंबर आया तो कागजात अधूरे बताकर कर्मचारी ने उन्हें वापस कर दिया।
इसी तरह कई अन्य दिव्यांग भी सोमवार को स्वास्थ्य शिविर में परेशान हुए। पूरनपुर से आईं रजनी ने बताया कि दो बार चक्कर लगा चुके है, लेकिन कोई न कोई कागज अधूरा बताकर टरकाया जा रहा है।
आज उसके 200 रुपये से ज्यादा खर्च हो गए। अब फिर आना होगा। दिव्यांग शिविर में यह समस्या हर बार देखी जाती है। जिम्मेदार यहां पर साथ लाने वाले जरूरी अभिलेख व प्रक्रिया को यहां चस्पा नहीं करा रहे हैं।
जिससे अधूरे कागजात होने पर दिव्यांग उस नोटिस बोर्ड को देख अपने कागजों को पूरा कर सके। सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे तक 64 दिव्यांगों का पंजीकरण हो चुका था।
पीलीभीत के जिला चिकितसालय परिसर में आयोजित दिव्यांग शिविर में पहुंचे लोग।संवाद
पीलीभीत के जिला चिकितसालय परिसर में आयोजित दिव्यांग शिविर में पहुंचे लोग।संवाद
पीलीभीत के जिला चिकितसालय परिसर में आयोजित दिव्यांग शिविर में पहुंचे लोग।संवाद