मझोला। बरेली से अचानक मझोला पहुंचे डीआईजी रेंज राजेश पांडेय ने उत्तराखंड सीमा पर पुलिस की सतर्कता का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी पुलिस की गश्त और रात में वाहनों की चेकिंग को लेकर बातचीत की। डीआईजी ने इसे सामान्य सीमा निरीक्षण बताया। वहीं इस दौरे को कानपुर पुलिस हत्याकांड में मोस्ट वांटेड विकास दुबे के बारे में का गोपनीय सूचना मिलने के बाद उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाके में सख्ती बढ़ाने से जोड़कर बताया जा रहा है।
बरेली से डीआईजी राजेश कुमार पांडेय अचानक बुधवार सुबह करीब 12 बजे मझोला पहुंचे। इससे पहले डीआईजी के आने का पता लगते ही अचानक मझोला कस्बे में उत्तराखंड सीमा पर पुलिस की सख्ती बढ़ा दी गई। इंस्पेक्टर न्यूरिया खीम सिंह जलाल पुलिस बल के साथ चेकिंग करने में जुट गए। बिना आईडी चेक किए किसी को भी नहीं निकलने दिया गया। एसपी जयप्रकाश, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ सदर प्रमोद कुमार भी मौके पर पहुंच गए। अचानक इतने अधिकारियों के एक साथ पहुंचने से खलबली मच गई। कुछ ही देर में डीआईजी भी आ गए। उन्होंने पहले मझोला चौकी पर लगे बैरियर पर पुलिस की सतर्कता को परखा। इसके बाद वह खटीमा सीमा पर भी गए। वहां डीआईजी ने राहगीरों से भी बातचीत की। उन्होंने यह भी जानकारी जुटाई कि किस तरह से उत्तराखंड जाने के लिए पास जारी किए जा रहे हैं। डीआईजी ने पूछा कि उत्तराखंड और यूपी के मझोला की पुलिस किस तरह से काम कर रही है। 20 मिनट तक उत्तराखंड सीमा पर रुकने के बाद डीआईजी न्यूरिया थाना भी गए। वहां अधिकारियों और मातहतों संग बातचीत की।
हाल ही में नेपाल सीमा पर नो मैंस लैंड की जमीन का मामला सामने आया था। इसी के चलते उत्तराखंड सीमा पर भी हालात परखने आए थे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किस तरह से काम किया जा रहा है, इसकी जानकारी की गई है। पुलिस को इस मसले पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी