गोमती उद्रम स्थत पर आयोजित रामलीला में लीला मंचन करते कलाकार।संवाद
कलीनगर। गोमती उद्गम स्थल पर चल रहे शरदकालीन गोमती महोत्सव में प्रभु श्रीराम के जन्म की लीला का मंचन किया गया। वृंदावन के कलाकारों की सुंदर प्रस्तुति ने भक्तों का मन मोह लिया। बृहस्पतिवार को देर रात तक पंडाल में भक्तों की भीड़ मौजूद रही। कार्तिक पूर्णिमा पर उद्गम स्थल पर लगे मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने झील में आचमन कर पूजा-अर्चना की।
आरती के बाद देर शाम श्रीरामलीला मंचन शुरू हुआ। पहले दिन महोत्सव में वृंदावन के ब्रज लोककला फाउंडेशन के कलाकारों ने प्रभु श्री रामजन्म की लीला का मंचन किया। ऋषि विश्वामित्र द्वारा राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगने एवं ताड़का, मारीच और सुबाहु के वध की लीला का मंचन हुआ।
कलाकारों की सुंदर प्रस्तुति देख माहौल भक्तिमय हो गया। मंचन के बाद प्रसाद वितरण किया गया। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगास्नान को लेकर गोमती उद्गम स्थल पर मेले का आयोजन किया गया। सुबह से ही माधोटांडा के अलावा दोदपुर, हरीपुर, कलीनगर, जमुनिया, नवदिया समेत कई गांवों के श्रद्धालु यहां पहुंचे।
अव्यवस्थाओं ने किया परेशान
गोमती उद्गम स्थल पर मेले में सैकड़ों श्रद्धालु अव्यवस्थाओं से जूझते दिखे। श्रद्धालुओं को माधोटांडा-पूरनपुर मार्ग से गोमती उद्गम स्थल जाने वाले जर्जर लिंक मार्ग से होकर गुजरना पड़ा। किनारे फैली गंदगी ने भी श्रद्धालुओं को परेशान किया। वहीं, मेले की जिम्मेदारी संभालने वाले बिजली, ब्लॉक के कर्मचारी भी जिम्मेदारी से बचते नजर आए।
गोमती उद्रम स्थत पर आयोजित रामलीला में लीला मंचन करते कलाकार।संवाद