नाबार्ड ने वर्ष 2015-16 के लिए 2366.70 करोड़ की पीएलपी (संभावनायुक्त ऋण योजना) तैयार की है। वर्ष 2014-15 में 2057.03 करोड़ की पीएलपी थी। इस प्रकार आगामी वर्ष की पीएलपी चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में 309.67 करोड़ रुपये अधिक है।
जिले की बैंक पीएलपी से निर्धारित होने वाले टार्गेट के आधार पर विभिन्न ऋण योजनाओं का संचालन करती हैं। बैंक की वार्षिक ऋण योजना बनाने की जिम्मेदारी नाबार्ड की है। नाबार्ड ने वर्ष 2015-16 के लिए 2366.03 करोड़ रुपये की पीएलपी तैयार कर लीड बैंक को भेज दी है। लीड बैंक इसके आधार पर ही विभिन्न बैंकों द्वारा दिये जाने वाले ऋण का लक्ष्य निर्धारित करेगा। खास बात यह है कि अगले वर्ष के लिए तैयार की गई पीएलपी के आधार पर सबसे अधिक लाभ फसली ऋण लेने वाले काश्तकारों को मिलेगा और इसे ब्लाकवार, क्षेत्रवार व उपक्षेत्रवार बनाया गया है।
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मद धनराशि धनराशि
2014-15 2015-14
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फसली ऋण 1597.07 1827.79
कृषि व संबंधित क्षेत्र 211.00 171. 73
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग 126.38 132.27
अन्य प्राथमिक क्षेत्र 122.58 172.72
कुल योग 2057.03 2366.70
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*धनराशि करोड़ रुपये में
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00000
17 पीबीटीपी 31
नाबार्ड ने वर्ष 2015-16 की पीएलपी तैयार कर लीड बैंक को भेज दी है। जिले की बैंकों द्वारा अगले वर्ष विभिन्न योजनाओं में वितरित किया जाने वाला ऋण प्रस्तावित पीएलपी के आधार पर ही निर्धारित होगा। अगले वर्ष फसली ऋण लेने वाले अधिक लोग लाभांवित होंगे।
अनिल कुमार रावत, जिला प्रंबधक, नाबार्ड