न्यूरिया। पीलीभीत-टनकपुर राजमार्ग पर कस्बा स्थित रोडवेज बस अड्डा ठप पड़े होने से क्षेत्र का विकास प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही यहां से जाने वाले यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
करीब 12 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से निर्मित इस बस अड्डा से लोगों को उम्मीद थी कि यहां बसों के नियमित ठहराव से न केवल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आसान होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बसों के न रुकने से यह संभावनाएं अब तक साकार नहीं हो सकी हैं। यह बस अड्डा पीलीभीत टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज के गेट नंबर एक के बेहद करीब है। इसके बावजूद यहां बसों का ठहराव न होने से पर्यटकों को सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्हें दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ता है।
ठहराव होने से होंगे ये लाभ
स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर बसों का ठहराव शुरू हो जाए तो क्षेत्र पर्यटन का एक प्रमुख प्रवेश द्वार बन सकता है। इससे न सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि होटल, दुकान और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी गति मिलेगी। बस अड्डा भवन बदहाल हो चुका है। दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है। साथ ही परिसर में झाड़ियां हैं। यह तस्वीर इस बात का संकेत है कि योजनाएं बनती तो हैं, लेकिन उनके क्रियान्वयन और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता। एआरएम विपुल पाराशर ने बताया कि जल्द ही बस अड्डे का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। संवाद
पर्यटन और व्यापार दोनों प्रभावित
बस स्टॉप की अनदेखी के कारण पर्यटन और व्यापार दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पास होने के बावजूद यहां पर्यटक नहीं रुक पाते, जिससे स्थानीय कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका मानना है कि यदि बसों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए तो क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।- अब्दुल कदीर।
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बस स्टॉप की स्थिति बेहद निराशाजनक है। उन्होंने बताया कि बसों के ठहराव न होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अगर यहां नियमित रूप से बसें रुकने लगे तो क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। - मो. शोहेब।
न्यूरिया कस्बे में बना बस स्टैंड। संवाद
न्यूरिया कस्बे में बना बस स्टैंड। संवाद
न्यूरिया कस्बे में बना बस स्टैंड। संवाद