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पीलीभीतः डेढ़ दशक से बंद पड़ा है दियोरिया पशु सेवा केंद्र

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बीसलपुर। विभागीय अनदेखी के चलते पशु सेवा केंद्र दियोरिया पिछले लगभग डेढ़ दशक से बंद पड़ा है, जबकि इस पशु सेवा केंद्र से आसपास के 30 से अधिक गांवों के लगभग तीन हजार पशुपालक जुड़े हैं। पशु सेवा केंद्र बंद होने से इन पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं का उपचार कराने में काफी दिक्कत हो रही है।
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दियोरिया के प्रधान अजय सिंह ने बताया कि उनके गांव के पशु सेवा केंद्र के प्रभारी दिनेश सक्सेना का तबादला लगभग 15 वर्ष पूर्व बीसलपुर ब्लॉक के गांव चंद्रपुरा के पशु सेवा केंद्र में हो गया था। अभी तक उनके स्थान पर नए प्रभारी की नियुक्ति नहीं की है। जिस कारण पशु सेवा केंद्र बंद पड़ा है। पशु सेवा केंद्र बंद होने से इस केंद्र से जुड़े 30 से अधिक गांव के लगभग तीन हजार पशु पालकों को अपने बीमार पशुओं का उपचार कराने में काफी दिक्कत हो रही है।
रोजाना काफी पशुपालक बीमार पशुओं को लेकर इस केंद्र पर आते हैं और घंटो भटकने के बाद मायूस होकर लौट जाते हैं। इस अव्यवस्था को लेकर पशुपालकों में विभाग के प्रति रोष है। इस बीच जागरूक पशुपालकों ने विभागीय उच्चाधिकारियों से कई बार संपर्क साधकर केंद्र पर स्थाई प्रभारी तैनात कराने की मांग की लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे पशुपालकों की समस्या बरकरार है।
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इन गांवो के पशुपालकों को हो रही दिक्कत - दियोरिया, लमौआ, बसेंगा, कटईया, आमडंडा, इलाबांस, मोहम्मदपुर, किशनपुर, खरदहाई, खरदाह, अजान, दियोराजपुर, रंभोजा, मधवापुर, रायपुर फाजिल, मीरपुर रतनपुर, कामघाट, बल्देवपुर, सुजनी, परसंडी, पैनिया हिम्मत, रहमानगंज, दियोहना, घुरी पट़टी, घुरी खास, बसई पुरैना, चकशिवपुरी, बुहिता, पैतंबोझी, उदराह, और गाजना सिधारपुर आदि गांवों के पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं का उपचार कराने में काफी दिक्कत होती है।
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