पीलीभीत में बरखेड़ा चीनी मिल के बंद हो जाने से गन्ना समिति के 82 हजार में से 32 हजार किसानों के गन्ना सट्टे लॉक हो गए हैं। अब समिति 50 हजार सट्टा धारकों को ही गन्ने की पर्चियां उपलब्ध कराएगी।
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सहकारी गन्ना विकास समिति के अभिलेखों के अनुसार कुल 82 हजार किसानों के गन्ना सट्टे अब तक चल रहे थे। ये सट्टे बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा, किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल मकसूदापुर, द्वारिकेश चीनी मिल फरीदपुर, डालमिया शुगर मिल निगोही और ललित हरि चीनी मिल पीलीभीत के किसानों के थे। 25 फरवरी की रात में क्षेत्र का सारा गन्ना खत्म हो जाने पर बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा का पेराई सत्र बंद हो गया है।
बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा में चूंकि 32 हजार किसान हैं, इसलिए इन सभी किसानों के गन्ने के सट्टे सोमवार को लॉक कर दिए गए हैं। अब इन 32 हजार किसानों को गन्ने की पर्चिंयां नहीं दी जाएगी। गन्ना विकास परिषद बरखेड़ा के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मनेाज साहू ने बताया कि अब सहकारी गन्ना विकास समिति 50 हजार किसानो के सट्टे का संचालन करेगी। अब केवल इन्हीं 50 हजार किसानों को गन्ने की पर्चियां उपलब्ध कराई जाएगी।