फार्मर सुरेंद्र सिंह की हत्या उसके चचेरे भाई ने की थी। वह बेटे को विदेश भेजने के लिए उधार लिए दो लाख लौटना नहीं चाहता था। इसलिए उसने नौकर के साथ मिलकर फार्मर को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है।
बता दें कि सात जून को एक सिक्ख बुजुर्ग की लाश भदेंगकंजा के पास मरैना नहर में मिली थी। शव का अंतिम संस्कार कराने के बाद व्हाट्स एप ग्रुप के जरिए उसकी शिनाख्त हो सकी। मृतक की पहचान शाहजहांपुर जिले के खुटार क्षेत्र के गांव थुनिया चक मलका निवासी सुरेंद्र सिंह पुत्र हरवंश के रूप में हुई थी। जानकारी मिलने पर पिता के साथ पहुंचे उसके भाई महेंद्र ने फोटो देखकर पहचाना। घटना में अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। काल डिटेल के आधार पर पुलिस ने उसके चचेरे भाई जुगेंद्र सिंह और उसके नौकर पृथ्वीराज निवासी गांव कुदिन्ना को हिरासत में लिया। पहले आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को भटकाने के लिए मृतक के सगे भाई पर सुपारी देकर हत्या कराने का आरोप लगा दिया। जिस पर पुलिस ने सगे भाई से भी पूछताछ की। बाद में सख्ती करने पर आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी जुगेंद्र ने बताया कि एक साल पहले उसने मृतक से दो लाख रुपये अपने बेटे को कोरिया भेजने के लिये उधार लिये थे। मृतक सुरेंद्र सिंह उधार दी गई रकम को वापस मांग रहा था। ऐेसे में आरोपी ने सुरेंद्र की हत्या की प्लानिंग कर ली। छह जून को दोनों आरोपियों ने पीलीभीत आकर सुरेंद्र को रुपये देने के बहाने बीसलपुर ईदगाह चौराहे पर बुला लिया। यहां से तीनों शाम छह बजे बिलसंडा के लिए निकले। रात करीब नौ बजे मरैना नहर के रास्ते पर जुगेेंद्र ने बहाने से बाइक रोकी और फिर दोनों ने बांका मारकर वृद्ध सुरेंद्र की हत्या कर दी। जिसके बाद दोनों नहर में डाल कर भाग गये। बंडा मानपुर रोड पर आकर एक खेत में बांका फेंक दिया।
उधार लिए दो लाख रुपये वापस न करने को लेकर चचेरे भाई ने नौकर के साथ हत्या की थी। सुरागरसी के दौरान तथ्य मिले। जिन पर काम किया गया तो पुलिस खुलासे तक पहुंच गई। दोनों आरोपियों का चालान कर दिया गया है।
- जितेंद्र सिंह यादव, एसओ