सोमवार की शाम जन्माष्टमी मेले में अपने चाचा की दुकान पर बैठी छह वर्षीय बालिका को गांव का ही 18 वर्षीय युवक टॉफी देने के बहाने बुला ले गया और उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। बालिका के रोने की आवाज पर जब मेला कमेटी कार्यकर्ता ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे और बालिका को छुड़ाने की कोशिश की तो हवसी दरिंदा उनके साथ हाथापाई कर भाग निकला। बालिका को लेकर थाने जा रहे उसके सगे चाचा के साथ भी आरोपी ने चार अन्य साथियों के साथ मारपीट की। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ बलवा, रेप की रिपोर्ट दर्ज कर मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया है। मेडिकल परीक्षण में प्रथम दृष्टया रेप की पुष्टि हुई है। प्राइवेट पार्टस पर चोट के निशान भी पाए गए हैं। महिला डॉक्टर ने स्लाइड बनाई है।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने बताया कि छह वर्षीय पुत्री पड़ोस में चल रहे जन्माष्टमी के मेले में शाम करीब पांच बजे गई थी। वह मेले में चाय बेच रहे अपने सगे चाचा की दुकान पर बैठी थी। शाम सात बजे वहां पहुंचे देवेंद्र ने उसे टॉफी का लालच देकर बालिका को अपने पास बुला लिया और उसे पास ही खड़ी झाड़ियों में ले जाकर उसका मुंह दबाकर उसके साथ दुराचार किया। बालिका के रोने की आवाज सुनाई पड़ने पर मेला कमेटी के कार्यकर्ता ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे। उन्होंने जब बालिका को छुड़ाने की कोशिश की तो दरिंदे ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। शोर होने पर तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। जिस पर दरिंदा भाग निकला। बालिका बदहवास हालत में थी। उसके प्राइवेट पार्ट से हल्का खून बह रहा था। मौके पर पहुंचे चाचा पीड़ित बालिका को लेकर थाने जा रहे थे। गांव कृष्णपुर के पास तीन सगे भाइयों मोहनलाल, हरीश कुमार, महेश व एक रिश्तेदार गिरीश के साथ देवेंद्र ने उन्हें घेर लिया और पिटाई शुरू कर दी। लोग जब मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग निकले। पुलिस ने पीड़िता के चाचा की ओर से पांचों आरोपियों के खिलाफ दुराचार, बलवा, पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बालिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत में तेजी से सुधार हुआ है।
बालिका की हालत अब सामान्य है। उसके प्राइवेट पार्ट पर चोटों मिली हैं। रक्तस्राव भी हो रहा था। इससे साफ है कि उसके साथ रेप हुआ है। महिला डॉक्टर ने स्लाइड बनाई है। एक्सरा भी हुआ है। सारी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही रेप की पुष्टि होगी। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी भी पुलिस हिरासत में हैं।
जवाहर, एसपी