जंगल किनारे खेत की रखवाली कर रहे गांव बहादुरपुर निवासी 32 वर्षीय किसान रामदयाल पर बाघ ने हमला कर लहूलुहान कर दिया। बाघ किसान को जंगल की ओर खींचकर ले जाने का प्रयास कर रहा था कि इस दौरान हुए शोरशराबे पर बाघ किसान को छोड़कर जंगल में चला गया। घायल रामदयाल का सीएचसी में उपचार चल रहा है।
घटना बुधवार अपरान्ह करीब दो बजे की है। सेहरामऊ उत्तरी थाना के गांव बहादुरपुर निवासी किसान रामदयाल ने बताया कि गांव के पश्चिम, उत्तर जंगल किनारे उसका खेत है। खेत में गन्ना और गेहूं की फसल है। अक्सर खेत में जंगल से बंदर पहुंचकर फसल को नुकसान करते हैं। बुधवार को वह खेत की रखवाली कर रहा था। समीप स्थित गांव निवासी शेरसिंह भी अपने खेत की रखवाली कर रहे थे। खेत मेें घुसे बंदरों को भगाकर खेत के दूसरे छोर पर जैसे ही वह पहुंचा उस दौरान जंगल की ओर से आए बाघ ने उस पर हमला कर दिया। जब तक वह कुछ समझ पाता तब तक बाघ उसको जंगल की ओर खींच कर ले जाने लगा। घटना पर शेर सिंह ने शोरशराबा शुरू दिया। इस पर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने भी शोरशराबा शुरू कर दिया। तब बाघ उसे छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। किसान के चेहरे, गर्दन और पीठ पर पंजों के कई निशान हैं। घायल रामदयाल को इलाज के लिए सीएचसी लाया गया है। हरीपुर रेंज के रेंजर आरपी रौतेला ने भी सूचना पर सीएचसी पहुंचकर घायल रामदयाल से घटना की जानकारी की।
हरीपुर रेंज की बहादुरपुर चौकी के पास की घटना बताई गई है। चौकी क्षेत्र में जंगल का टुकड़ा है। जो टाइगर का क्षेत्र नहीं है। अक्सर वहां गुलदार (तेंदुआ) पहुंचता है। किसान ने बाघ की जानकारी दी है। घटना स्थल पर पद चिन्हों आदि की जांच कराई जाएगी। किसान के परिवार वालों से घायल किसान की फोटो और घटना के संबंध में लिखित देने को कहा गया है, ताकि सूचना को लखनऊ मुख्यालय भेजा जा सके और किसान को मुआवजा मिल सके।
- आरपी रौतेला, रेंजर हरीपुर