अपात्रों के नाम सूची से हटाने पर गुस्साए पूर्व प्रधान व उसके साथियों ने कार्यालय में घुसकर सचिव से गाली-गलौज और मारपीट की। इसका विरोध करने पर जमकर धमकाया गया। आरोपियों से जान का खतरा जताते हुए पीड़ित ने मामले की तहरीर पुलिस को दी। जिसके आधार पर पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीलीभीत की वसुंधरा कालोनी के निवासी ग्राम पंचायत भैंसहा ग्वालपुर के सचिव हरीश चंद्र ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 26 सितंबर को वह इंदिरा आवास पटल के लाभार्थियों के रजिस्टर का मिलान खंड विकास अधिकारी कार्यालय से करा रहा थे। उनके साथ बाबू संजीव कुमार भी मौजूद थे। कुछ लोगों के अपात्र पाए जाने पर उनका नाम सूची से हटा दिया था। इसी बात से गुस्साकर पूर्व प्रधान पतरासा कुंवरपुर रामपाल राना, कबूलपुर निवासी लल्ला, सुखलाल और पीलीभीत के रहने वाले मोहित उर्फ रोनू नशे की हालत में आए और अपात्रों के नाम हटाने की बात पर गाली गलौज शुरू कर दी। इसका विरोध करने पर आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की और धमकी देकर भाग गए। पीड़ित ने आरोपियों से जान का खतरा जताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। एसओ ओमहरि बाजपेई ने बताया कि पूर्व प्रधान समेत चारों आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट और एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांचकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।