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मुठभेड़ के बाद पकड़े गए छह अपहरणकर्ता, दो फरार

Fri, 17 Mar 2017 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
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अपहरण्‍ा का मामला - फोटो : अमर उजाला
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चार मार्च को पेट्रोल पंप मालिक को अगवा कर वसूले थे 20 लाख 
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पुलिस ने 13.98 लाख नकद, कार, ई-रिक्शा एवं असलहा किए बरामद 
एसपी ने प्रेसवार्ता कर किया खुलासा, टीम को पांच हजार का ईनाम

 चार मार्च की रात पेट्रोल पंप मालिक को अगवा कर 20 लाख रुपये फिरौती वसूलने वाले छह बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद धर दबोचा। जबकि दो बदमाश पुलिस को चकमा देकर भाग निकले। पकड़े गए बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार, ई-रिक्शा, असलहा एवं फिरौती के 13.98 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। एसपी ने शुक्रवार को घटना का खुलासा कर पुलिस टीम को पांच हजार रुपये नकद ईनाम की घोषणा की है। 
मोहल्ला कुंवरगढ़ निवासी निशित वर्मा पुत्र चंद्र प्रकाश का जहानाबाद के कल्यानपुर खास गांव में पेट्रोल पंप है। दो दिन पहले पीड़ित ने एसपी के समक्ष पेश होकर बताया था कि चार मार्च की रात पंप बंद कर वह कार से घर आ रहे थे। शिवपुरिया गांव के कुछ आगे पहुंचते ही बदमाशों ने उनको अगवा कर लिया। इसके बाद आठ बदमाश उनकी ही कार में उनको बंधक बनाकर जहानाबाद की ओर ले गए। जहां उनके मोबाइल फोन से पिता को फोन कर 20 लाख रुपये फिरौती के मांगे। करीब पांच घंटे बाद ही पिता ने बीस लाख रुपये फिरौती की रकम लालपुर चौराहा पर आकर बदमाशों को दी। इसके बाद उनको छोड़ दिया गया। इस पर एसपी देवरंजन वर्मा ने सीओ सिटी अनुराग दर्शन के नेतृत्व में टीम का गठन कर गोपनीय तरीके से बदमाशों की सुरागरसी तेज कर दी। सर्विलांस की मदद से पुलिस को काफी सुराग हाथ लग गए। इस बीच पुलिस बदमाशों को पकड़ने की तैयारी कर रही थी कि मुखबिर से सूचना मिली कि बृहस्पतिवार की रात बदमाश आसाम चौराहा के पास है। इस पर सीओ सिटी अनुराग दर्शन, एसएसआई सुनगढ़ी चंद्र प्रकाश शुक्ला, एसओजी प्रभारी रुम सिंह वघेल, कांस्टेबल सत्यवीर कौशिक, हरीश शर्मा, अतेंद्र प्रताप सिंह, सुरेंद्र सिंह, मोहम्मद अली, हसमत अली, जानसन, उदयवीर सिंह, राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। मुखबिर के बताए अनुसार स्लेटी रंग की फोर्ड आईकॉन कार को रुकने का इशारा किया। इस पर कार सवार बदमाशों ने गाड़ी रोकने के बजाए पुलिस पर फायर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कार को कुछ ही दूरी पर घेर लिया। खुद को घिरता देख बदमाश कार से उतरकर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने पीछा कर छह बदमाशों को धर दबोचा। उन्होंने पूछने पर अपना नाम सुंदरपुर (जहानाबाद) निवासी आकिल पुत्र अब्दुल, शिवपुरिया निवासी आरिफ उर्फ छोटू, लालपुर गौटिया निवासी आकाश, अरविंद, देवीपुरा निवासी बलजीत और कल्यानपुर निवासी हरचरन बताया। दो साथी लालपुर गौटिया (जहानाबाद) निवासी राजेश गंगवार व यशपाल गंगवार भागने में सफल रहे। थाने लाकर सभी से पूछताछ की गई। वहीं पंप मालिक को दिखाकर शिनाख्त कराई गई। इसमें पकड़े गए बदमाश पंप मालिक को अगवा कर फिरौती वसूलने वाले निकले। इसके बाद पुलिस ने सभी की निशानदेही पर फिरौती के नाम पर लिए गए बीस लाख में से 13.98 लाख रुपये बरामद किए। इसके अलावा एक फोर्ड आइकान कार, ई-रिक्शा, दो 315 बोर तमंचे, नौ मोबाइल फोन, एक घड़ी, लूटा गया पीड़ित का पर्स व डीएल भी बरामद किया गया। शुक्रवार को पुलिस के गुडवर्क की सराहना करते हुए एसपी देवरंजन वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार कक्ष में घटना का खुलासा किया। साथ ही वर्कआउट करने वाली टीम को पांच हजार रुपये नकद ईनाम की घोषणा की है। इस मौके पर एएसपी डा.रामसुरेश यादव, सीओ सदर निशांक शर्मा, सीओ योगेंद्र कृष्ण नरायन, सीओ लाइन धर्म सिंह माछौल मौजूद रहे। 
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हरचरन ने की थी मुखबिरी 
पेट्रोल पंप मालिक के साथ हुई वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने रेकी की थी। पकड़ा गया आरोपी हरचरन कई दिनों से पंप मालिक के आने जाने को वॉच करता रहा। पीड़ित के अकेले रुपये लेकर घर निकलने की बात पर उसको टारगेट बनाया गया। 
 
इस तरह अंजाम दी वारदात 
पकड़े गए सभी बदमाशों का अभी कोई गंभीर आपराधिक इतिहास तो सामने नहीं आ सका है, लेकिन सभी आपराधिक प्रवृत्ति के है। दो आरोपी अकील और आरिफ पर 110 जी की कार्रवाई भी की जा चुकी है। यह लोग कार में सवार थे। इसके बाद ई-रिक्शा रोड पर लगाकर टारगेट को रोकते थे। वाहन रोकते ही उसमें सवार लोगों को गनप्वाइंट पर लेकर लूटपाट की जाती थी। पंप मालिक की कार को भी ई-रिक्शा सड़क पर लगाकर ही रोका गया था। 
 
डर के चलते नहीं दी थी सूचना : पीड़ित 
पीड़ित पेट्रोल पंप मालिक निशित वर्मा का कहना है कि उनके साथ हुई वारदात के समय वह करीब पांच घंटे तक बदमाशों की गिरफ्त में रहे थे। बदमाश उनके मोबाइल का ही फिरौती मांगने में इस्तेमाल करते रहे। रात में ही परिवार वाले रुपये देने पर उनको छोड़ दिया गया था। बदमाशों की दी गई धमकी को लेकर पूरा परिवार भयभीत था, इसलिए पुलिस व अन्य किसी को भी घटना की जानकारी नहीं दी। बाद में दो दिन पहले कुछ रिश्तेदारों के कहने पर शिकायत की गई, जिस पर पुलिस ने बदमाशों को धर दबोचा। 
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पंप मालिक मुकदमा दर्ज नहीं कराना चाहते थे। ऐसे में शिकायत मिलने पर गोपनीय आपरेशन शुरू कर दिया गया। इसी के तहत मुठभेड़ के बाद छह बदमाश पकड़ कर बरामदगी की गई है। फरार दोनों बदमाशों की धरपकड़ के भी प्रयास किए जा रहे है।  
- देवरंजन वर्मा, एसपी 
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