टनकपुर हाइवे पर बुझिया मजार शरीफ के पास बुधवार देर रात न्यूरिया थाने की सरकारी जीप को लकड़ी से भरी ट्रैक्टर ट्राली के टक्कर मार देने से जीप चालक सिपाही अजय कुमार की मौत हो गई, जबकि जीप में सवार एसओ न्यूरिया समेत तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। घायल की हालत नाजुक होने पर बरेली रेफर किया गया है।
बुधवार देर रात एसओ न्यूरिया दलवीर सिंह, कांस्टेबल अजय कुमार सिंह (56), कर्णवीर सिंह (35), अवनीश कुमार (25) मझोला से चेकिंग कर वापस न्यूरिया लौट रहे थे। पुलिस जीप सिपाही अजय कुमार सिंह चला रहे थे। टनकपुर हाइवे पर बुझिया मजार शरीफ के पास पहुंचते ही पास के मोड़ से अचानक तेज रफ्तार लकड़ी लदी ट्रैक्टर ट्राली निकलकर हाइवे पर आ गई। जीप चालक ने काफी बचाने की कोशिश की, लेकिन ट्राली का पिछला हिस्सा पुलिस जीप से टकरा गया। हादसे में चालक अजय कुमार सिंह की मौत हो गई। इसके अलावा एसओ न्यूरिया समेत अन्य तीनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह देख ट्रैक्टर ट्राली छोड़कर चालक मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी मुनिराज, सीओ जहानाबाद जगत राम जोशी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। घायलों को सीएचसी ले जाया गया। जहां अजय कुमार सिंह को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अन्य तीन घायलों को जिला अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की हालत गंभीर होने पर बरेली रेफर कर दिया गया है। बरेली के सिद्धि विनायक अस्पताल तीनों घायल पुलिसकर्मियों एसओ दलवीर सिंह, कांस्टेबल कर्णवीर सिंह व अवनीश कुमार का इलाज कराया जा रहा है। सीओ जहानाबाद जगत राम जोशी ने बताया कि घायलों की हालत में काफी सुधार हुआ है। पुलिस ने घायल सिपाही कर्णवीर सिंह की तहरीर के आधार पर अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर ट्रैक्टर ट्राली को कब्जे में ले लिया है।
फरवरी 2015 से न्यूरिया में तैनात थे अजय कुमार
हादसे में जान गंवाने वाले न्यूरिया पुलिस के जीप चालक सिपाही अजय कुमार सिंह 15 फरवरी 2015 से न्यूरिया थाने में तैनाती पर थे। इससे पहले वह बरेली, शाहजहांपुर जनपद में रहे। उनकी करीब 12 साल की नौकरी पीएसी में रही थी।
सीतापुर के मूल निवासी थे अजय कुमार सिंह
सिपाही अजय कुमार सिंह मूल रूप से सीतापुर जिले के मोई थाना क्षेत्र के विसनपुर गांव के रहने वाले थे। वह चार भाईयों में दूसरे नंबर के थे। बड़े शेर बहादुर और दो छोटे भाई अनिल कुमार सिंह, रामनरेश सिंह हैं। सबसे छोटा भाई राम नरेश सिंह पुलिस विभाग में सिपाही पद पर वर्तमान समय में शाहजहांपुर जनपद में तैनात है।
खबर मिलने पर मचा कोहराम, न्यूरिया पहुंच गए घरवाले
सिपाही अजय कुमार सिंह ने दो शादियां की थी। पहली पत्नी मीना सिंह सीतापुर के विसनपुर गांव में परिवार के साथ रहती है। इससे चार बच्चे हैं। बेटा 35 वर्षीय संजय सिंह खेती करता है। तीन बेटी शीला सिंह, सुभाषनी सिंह, निधि सिंह हैं। छोटी बेटी निधि सिंह सीतापुर के एक कॉलेज से एमएड की पढ़ाई कर रही है, अविवाहित है। दूसरी पत्नी माया बरेली के फतेहगंज पश्चिमी इलाके में रहती है। इससे मृतक सिपाही को तीन बेटे मुनीश , विवेक, विजय और एक बेटी शिवानी हैं। हाईवे पर हुए हादसे में अजय कुमार सिंह की मौत की सूचना रात में ही पुलिस ने उनके परिवारीजनों को दी थी। जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। बृहस्पतिवार सुबह दोनों पत्नियां अपने परिवार वालों के साथ न्यूरिया पहुंचीं। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए अफसरों ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजन सीतापुर ले गए हैं।
अफसरों ने कंधा देकर नम आंखों से दी अंतिम विदाई
पुलिस महकमे के सिपाही अजय कुमार सिंह को अफसरों ने गमगीन माहौल में अंतिम विदाई दी। पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर पोस्टमार्टम के बाद सिपाही के पार्थिव शरीर को लाया गया। जिसके बाद अफसरों व पुलिसकर्मियों ने साथी को पुष्प चक्र अर्पित किए। शस्त्र झुकाकर शोक सलामी दी गई। जिसके बाद अधिकारियों ने नम आंखों से कांधा देकर मृतक सिपाही अजय कुमार सिंह को अंतिम विदाई दी। इस दौरान एसपी मुनिराज ने पीड़ित परिवार से बातचीत की और उनको हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस मौके पर एसपी के अलावा राज्यमंत्री हेमराज वर्मा, सपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा कट्टर, एएसपी विकास कुमार वैद्य, सीओ जहानाबाद जगत राम जोशी, प्रतिसार निरीक्षक धनश्याम सिंह, पीआरओ भुवनेश कुमार गौतम आदि मौजूद थे। हादसे को लेकर पूरे दिन पुलिस महकमा शोक में डूबा रहा।
दीपावली पर छुट्टी लेकर घर जाने वाले थे अजय
हादसे चंद घंटे पहले ही मृतक सिपाही अजय कुमार सिंह की अपने परिवार से फोन पर बातचीत हुई थी। पहली पत्नी मीना सिंह को फोन कर उन्होंने घर के हाल चाल लिए थे। बेटे संजय से भी बातचीत की थी। परिवार वालों ने यह भी बताया कि अभी सितंबर माह में दो दिन सीतापुर के विसनपुर गांव स्थित मकान में रहे थे। 28 सितंबर को वह वापस ड्यूटी पर आए थे। फोन पर बात करने के दौरान दीपावली के मौके पर दुबारा घर आने की बात कही थी। इधर दूसरी पत्नी माया के बेटे विजय ने बताया कि मृतक के ह्रदय रोगी थे। उनका इलाज वही करा रहा था, दिल्ली के एक अस्पताल में भी दिखाकर लाए। यही नहीं न्यूरिया में तैनाती के दौरान भी उनके साथ काफी दिन रहा।
घायल सिपाही कर्णवीर सिंह की तहरीर के आधार पर अज्ञात ट्राली चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ट्रैक्टर ट्राली पुलिस के कब्जे में है। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज कराया जा रहा है। मृतक पुलिसकर्मी के परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।
मुनिराज, एसपी