प्रोजेक्टर लगाकर दिखाई जा रही रामायण को लेकर चिड़ियादाह गांव में विवाद की स्थिति बन गई। गांव के दूसरे पक्ष ने इसको गलत एवं नई परंपरा बताते हुए विरोध जताना शुरू कर दिया। मामले की शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंची सुनगढ़ी पुलिस ने आयोजन को रूकवा दिया और लोगों से अनुमति लेने के बाद आयोजन करने की सलाह देकर शांत कराया। शहर से सटा चिडिय़ादाह गांव पुलिस की संवेदनशील श्रेणी में है। बुधवार रात गांव में एक पक्ष के लोग जमा हो गए। जिसके बाद सार्वजनिक तौर पर प्रोजेक्टर लगाकर रामायण दिखाई जाने लगी। इसका दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध किया। आपस में विरोध जताने के बजाए दूसरा पक्ष सुनगढ़ी थाने पहुंचा और पुलिस से पूरे मामले की शिकायत की। गांव में विवाद की स्थिति को देखते हुए सुनगढ़ी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। परमीशन न होने पर आयोजन को रूकवा दिया गया। इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल शर्मा ने बताया कि सार्वजनिक तौर पर आयोजन बिना अनुमति नहीं होने दिया जाएगा। इसको शिकायत मिलने पर ही रूकवा दिया गया है। गांव के लोगों से अनुमति के बाद आयोजन की बात कही गई है। किसी तरह की कोई विवाद की स्थिति गांव में नहीं है।