बाइक और पचास हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर मोहल्ला रजागंज निवासी अनवार की गर्भवती पुत्री परवीन की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
अनवार ने बताया कि उसने अपनी पुत्री परवीन की शादी करीब एक साल पहले मोहल्ला ढका निवासी रजाबक्स के पुत्र नईमुद्दीन के साथ की थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद से ही उसके ससुराल वाले कम दहेज का ताना देने लगे। दहेज में बाइक और पचास हजार रुपये की मांग को लेकर उसके पति, सास, ससुर, जेठ ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि मांग पूरी न होने पर परवीन को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस पर उसने और उसके रिश्तेदारों ने दहेज लोभियों को समझाया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। आरोप है कि रविवार की रात उसकी गर्भवती बेटी को कमरे में बंद कर पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। बगैर सूचना दिए परवीन का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर ली गई। पड़ोसियों की सूचना पर वह लोग बेटी के घर पहुंचे।
सूचना पर इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने बताया कि अनवार की तहरीर पर पुलिस ने मृतका के पति नईमुद्दीन, ससुर रजाबक्स, सास आयशा, जेठ हसमुद्दीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर, परवीन की मौत पर उसके मायके पक्ष के लोगों में कोहराम मच गया।
पति, सास-ससुर को सात वर्ष कैद, जुर्माना
पीलीभीत। त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश योगेश चंद्र त्रिपाठी ने दहेज हत्या के आरोपी पति, सास-ससुर को दोषी पाकर सात वर्ष कैद और प्रत्येक को 15 हजार रूपये जुर्माना सुनाया है। साक्ष्य के अभाव में देवर को दोषमुक्त किया गया।
कसबा नवाबगंज (बरेली) निवासी मीना देवी का विवाह वर्ष 2008 में कसबा बीसलपुर के मोहल्ला बख्तावरलाल निवासी ओमप्रकाश के पुत्र ऋषिकुमार के साथ हुआ। दहेज में 50 हजार, बाइक और फ्रिज की मांग को लेकर विवाहिता का उत्पीड़न किया गया। दो अक्तूबर 2012 को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मृतका के पति, सास नत्थोदेवी, ससुर और देवर सुरेश के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
कोर्ट ने पति ऋषिकुमार, ससुर ओमप्रकाश व सास नत्थो देवी को सात वर्ष कैद और प्रत्येक को 15 हजार रुपये जुर्माना सुनाया है। साक्ष्य के अभाव में देवर सुरेश को दोषमुक्त कर दिया।
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