थाना जहॉनाबाद क्षेत्र के एक गांव का युवक 10 वर्षीय छात्रा को बहाने से स्कूल से बुला ले गया और गन्ने के खेत में ले जाकर रेप की कोशिश की।
उसका पिता जब छात्रा को लेकर थाने गया और घटना बताई तो एसओ ने डायरी में आरोपी का नाम-पता लिख लिया और बोले तहरीर देकर क्या करोगे? आरोपी को पकड़वा लेंगे। दो दिन बाद भी पुलिस के कार्रवाई न करने पर पिता छात्रा को लेकर एसपी से मिला और पूरी बात बताई।
एसपी की फटकार के बाद एसओ ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि एसओ ने रिपोर्ट दर्ज करने में भी खेल कर दिया। उन्होंने छेड़छाड़ की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
थाना जहॉनाबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक अपनी 10 वर्षीय बेटी को लेकर एसपी से मिला। उसने एसपी को बताया कि उसकी बेटी गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच की छात्रा है। 16 दिसंबर को वह स्कूल गई थी। शाम करीब चार बजे वह खेल रही थी। इसी बीच गांव का गेंदनलाल स्कूल पहुंचा और कहा कि उसके पिता (पीड़िता) खेत पर बुला रहे हैं।
आरोपी बेटी को लेकर खेतों की ओर चला आया। आरोप है कि गन्ने के खेत में बेटी के साथ दुराचार की कोशिश की। बालिका के शोर मचाने पर पास के खेत पर मौजूद गांव के देवेंद्र और शिवदयाल पहुंचे तो आरोपी भाग निकला। उन्होंने बताया कि वह पुत्री को लेकर थाने गए और एसओ को तहरीर देकर घटना बताई।
इस पर एसओ धनंजय सिंह ने आरोपी का नाम डायरी पर लिख लिया और कहा कि तहरीर देकर क्या करोगे? हम आरोपी को पकड़वा लेंगे। दो दिन बाद भी पुलिस ने जब कोई कार्रवाई नहीं की तो पिता शुक्रवार को पुत्री को लेकर एसपी से मिला। एसपी ने बालिका से भी घटना के बावत जानकारी ली।
इसके बाद एसओ को मोबाइल पर कॉलकर कड़ी फटकार लगाई और रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। एसपी की फटकार पर एसओ ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
000
छात्रा अपने पिता के साथ आकर मिली थी। पीड़िता का पिता डायरी पर केवल नाम लिखने और रिपोर्ट दर्ज न कराने की बात कहने का एसओ पर आरोप लगा रहा था। मैंने एसओ को इस बात के लिए डांटा भी है। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
जवाहर, एसपी
धारओं में खेल, छेड़छाड़ में लिखी रिपोर्ट
पीलीभीत। बालिका के साथ रेप के प्रयास मामले में एसओ ने एसपी के आदेश के बाद भी खेल कर दिया। एसओ धनंजय सिंह के मुताबिक आरोपी गेंदनलाल के खिलाफ छेड़छाड़ की धारा 354, 504, 504 व 7/8 पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है, कानून के जानकारों का कहना है कि पुलिस को पीड़िता के पिता की ओर से एसपी को दी गई तहरीर के मुताबिक धारा 376 व 511 के तहत रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए थी।