नेपाल के दो घरों में दबिश देने पहुंचने पर भड़के, सर्विस रिवाल्वर छीनी, की पिटाई
छुड़ाने के लिए अफसरों के छूटे पसीने,
खुशामद के बाद महेंद्र नगर के एसपी ने छोड़ा
बाइक चोर की तलाश में नेपाल के एक गांव में दबिश देने पहुंचे एक दरोगा और दो सिपाहियों को नेपालियों ने बंधक बना लिया। दरोगा की सर्विस रिवाल्वर छीन ली और सभी की पिटाई करने के बाद नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया। इसकी सूचना यहां पहुंची तो पुलिस के हाथपांव फूल गए। सीओ और एसओ पूरी रात नेपाल की पुलिस से उन्हें छोड़ने की गुहार करते रहे लेकिन बात नहीं बनी। नेपाल पुलिस ने पकड़े गए लोगों को महेंद्रनगर मुख्यालय भेज दिया। नेपाल के आला पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद दरोगा और सिपाहियों को शुक्रवार दोपहर बाद छोड़ा गया।
थानाध्यक्ष हजारा जसपाल सिंह ग्वाल ने बताया कि बलवीर सिंह नामक युवक की बाइक चोरी हो गई थी। इसकी तहरीर बलवीर सिंह ने थाने पर दी थी। थानाध्यक्ष के मुताबिक गुरुवार देर शाम बलवीर सिंह अपने दो साथियों परमजीत सिंह और शमशेर सिंह के साथ कंबोजनगर पुलिस चौकी पहुंचा। उसने चौकी इंचार्ज को नेपाल के गांव भूड़ा में एक घर में चोरी गई बाइक खड़ी होने की सूचना दी। इस पर चौकी इंचार्ज सुभाष सिपाही प्रदीप और अर्जुन सिंह को लेकर बलवीर के साथ बाइक बरामद करने चले गए। सभी लोग चार बाइक से कुछ ही देर में नेपाल के गांव भूड़ा पहुंच गए।
बताया जाता है कि बावर्दी, सर्विस रिवाल्वर के साथ नेपाल के गांव भूड़ा पहुंचकर चौकी इंचार्ज ने बलवीर की निशानदेही पर ध्रुव बहादुर शाही और सिक बहादुर शाही के घर पर छापा मारा लेकिन वहां चोरी की बाइक नहीं मिली। इसी बीच गांव के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने बिना नेपाल पुलिस को साथ लिए दबिश देने का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों को आक्रामक होते देख पुलिस के साथ गया बलवीर अपने एक साथी के संग भाग निकला लेकिन नेपालियों ने चौकी इंचार्ज, दोनों सिपाहियों और बलवीर के एक साथी को पकड़कर बंधक बना लिया। दरोगा की सर्विस रिवाल्वर भी छीन ली और सभी की पिटाई की। बाद में उन्हें भूड़ा गांव की पुलिस चौकी के इंचार्ज मान बहादुर थापा की सुपुर्दगी में दे दिया। गांव वालों ने दरोगा का सर्विस रिवाल्वर भी नेपाल पुलिस को सौंप दिया।
हजारा थानाध्यक्ष जसपाल सिंह ग्वाल ने बताया कि मौके से किसी तरह बच कर कंबोजनगर पहुंचे बलबीर और उसके साथी ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। बताया जाता है कि इसके बाद थानाध्यक्ष नेपाल की सीमा से सटे भारतीय गांवों के प्रधानों को लेकर भूड़ा पुलिस चौकी पहुंचे। बेलडाड़ी (नेपाल) के इंस्पेक्टर भी भूड़ा पहुंच गए। काफी प्रयास के बाद भी वहां की पुलिस ने आरोपी पुलिस वालों को नहीं छोड़ा और सुबह जिला मुख्यालय महेंद्रनगर, कंचनपुर (नेपाल) भेज दिया।
इसके बाद शुक्रवार को सीओ राजेश्वर सिंह और एसओ दोनों महेंद्र नगर पहुंचे। वहां पहुंचकर पीलीभीत के एसपी की महेंद्रनगर के एसपी से बात कराई। पीलीभीत एसपी के घटना पर खेद जताने के बाद नेपाल पुलिस ने सभी को हिदायत देकर छोड़ दिया।
कंबोजनगर चौकी इंचार्ज सुभाष की कुछ दिन पहले ही वहां पोस्टिंग हुई है। वह यह नहीं समझ सके कि जिस गांव में वह दबिश दे रहे हैं वह नेपाल में है। दरोगा ने नेपाल पुलिस के अधिकारियों के सामने अपनी गलती स्वीकार कर ली। लिहाजा वहां की पुलिस ने हिदायत देकर सभी को छोड़ दिया। स्थानीय स्तर पर भी चौकी इंचार्ज को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। अनजाने में दरोगा से गलती हुई है।
- राजेश्वर सिंह, सीओ पूरनपुर
20 घंटे तक पुलिस विहीन रही कंबोजनगर चौकी
थाना क्षेत्र की ग्राम कंबोजनगर पुलिस चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज सुभाष व दो सिपाहियों के गुरुवार को नेपाल में बंधक बनाए जाने के बाद से करीब 20 घंटे तक यह पुलिस चौकी पुलिस विहीन रही।
बताते चलें कि नेपाल सीमा से सटे गांव कंबोजनगर पुलिस चौकी पर पांच पुलिसकर्मी व एक उप निरीक्षक स्तर की तैनाती है। गुरुवार एक बाइक चोर को पकडने के लिए चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज सुभाष व दो अन्य सिपाही प्रदीप व अर्जुन नेपाल के भूड़ा गांव चले गए थे। वहां दो घरों में दबिश भी दे दी थी। जिससे गुस्साए वहां के ग्रामीणों ने तीनों को बंधक बनाकर दरोगा की सर्विस रिवाल्वर भी छीन तीनों को रिवाल्वर समेत नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया था। इस चौकी पर तैनात शेष तीन सिपाहियों में से सत्यदेव यादव पांच जुलाई 2016 से बिना बताए गायब चल रहे हैं। तैनात दो अन्य सिपाही सतीश व रजनीश भी कुछ दिन की छुट्टी लेकर घर गए हैं। लिहाजा गुरुवार देर सायं चौकी इंचार्ज व दो सिपाहियों के नेपाल में पकड़े जाने के बाद से पूरी रात और शुक्रवार दोपहर बाद तक यह चौकी पुलिस विहीन रही। चौकी के दोनों कपाट बंद रहे। चौकी पर मात्र एक चौकीदार कोमिल प्रसाद चौकी की रखवाली करता रहा।
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